देवरिया जिले के सोमनाथ नगर बस्ती में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर भव्य पद संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल होकर नगर भ्रमण में अनुशासित रूप से पथ संचलन करते हुए उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान मधुसूदन मणि ने की, जिन्होंने संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर सभी को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि संघ आज समाज में व्यापक रूप से समाविष्ट हो रहा है और समाज इसे समझ और अपनाने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सौ वर्षों में संघ ने समाज के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनका ऋण समाज कभी चुका नहीं सकता। मुख्य वक्ता, गोरक्ष प्रांत के प्रात प्रचारक रमेश जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए विजयादशमी के धार्मिक और सामाजिक महत्व को समझाया और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को अपने परिवारों और समाज तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्र के निर्माण और व्यक्ति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, और आज समाज इसे मान्यता दे रहा है। रमेश जी ने आगामी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला और स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे समयबद्ध तरीके से इन्हें पूरा करें। उन्होंने स्वयंसेवकों को निर्देश दिया कि वे अपने परिवारों और समाज के लोगों तक संघ कार्य की जानकारी पहुँचाएँ और अधिक लोगों को संघ से जोड़ें। साथ ही, उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी से जागरूक रहने का आग्रह किया। इस पद संचलन और विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन और उत्साह का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया, जिससे नगरवासियों में उत्सव का माहौल और संघ कार्य के प्रति सम्मान देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर और ताली बजाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी बढ़ावा देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिकों और स्वयंसेवकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में एकजुटता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में मदद करते हैं।
रिपोर्ट: मृत्युंजय प्रसाद गुप्त विशारद, सोमनाथ नगर, बस्ती
