भारत सरकार के SIR और वोट चोरी के आरोपों पर संसद में लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। विपक्ष ने इन मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें ‘वोट चोर- गद्दी छोड़’ जैसे नारे भी शामिल थे। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका।
राज्यसभा में भी स्थिति कम नहीं रही। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए कहा, “12-13 लोगों की जान जा चुकी है, यह एक अर्जेंट मैटर है।” विपक्ष ने जोर देकर कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा में जल्दी शामिल हो।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “कृपया टाइमलाइन कंडीशन मत लाइए। हम विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ चर्चा कर रहे हैं, जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।”
गौरतलब है कि सत्र के पहले दिन (1 दिसंबर) भी SIR और वोट चोरी के आरोपों के मुद्दे पर विपक्ष ने संसद में हंगामा किया था। तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया था कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष से अपील की थी कि कोई समय सीमा न तय की जाए।

यह भी पढ़ें: BJP का ‘कुंडी खटकाओ’ अभियान: मतदाता सूची को त्रुटि-मुक्त बनाने के लिए शहरभर में सक्रियता
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष ने सरकार से यह सुझाव दिया कि SIR शब्द के स्थान पर चुनावी सुधार (Electoral Reforms) जैसे अन्य नामों का उपयोग किया जाए, ताकि चर्चा की प्रक्रिया तेज़ हो सके। सरकार इस पर विचार कर रही है और इसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सामने रखेगी।
यह हंगामा और चर्चा दर्शाता है कि संसदीय कार्यवाही में SIR और वोट चोरी के आरोपों पर गंभीर मतभेद हैं, जो आगामी चुनावी सुधारों की दिशा पर प्रभाव डाल सकते हैं।