भारत में SIR का दूसरा चरण : 37 करोड़ से अधिक मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित

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भारत में मतदाता सूची को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इस चरण में अब तक 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 37 करोड़ से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र मतदाता तक फॉर्म पहुंचा रहे हैं। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी वैध मतदाता सूची से छूट न जाए और अवैध मतदाता शामिल न हों। इस अभियान में 51 करोड़ से अधिक मतदाता प्रभावित होंगे।

एसआईआर अभियान का उद्देश्य न केवल मतदाता सूची में सुधार करना है, बल्कि अपात्र मतदाताओं को हटाकर सूची की सटीकता सुनिश्चित करना भी है। इसमें मतदाताओं को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावा और आपत्ति दर्ज करने का अवसर 9 दिसंबर से 8 जनवरी, 2026 तक मिलेगा। अंतिम सूची 7 फरवरी, 2026 को प्रकाशित होगी। आयोग ने बीएलओ और बूथ स्तर एजेंटों (BLA) की संख्या बढ़ाकर व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया है।

उत्तर प्रदेश में 10.8 करोड़ गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो राज्य की कुल वोटर संख्या का लगभग 70 प्रतिशत है। वहीं, मध्य प्रदेश में 53 प्रतिशत और राजस्थान में लगभग 70 प्रतिशत कवर किया गया है। लक्षद्वीप और गोवा में वितरण लगभग पूर्ण हुआ है, जबकि तमिलनाडु में 78 प्रतिशत फॉर्म वितरित हुए हैं। पश्चिम बंगाल में 88.8 प्रतिशत वितरण पूरा हुआ है, बावजूद इसके राज्य सरकार ने प्रक्रिया का विरोध किया है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे अपने बूथ स्तर एजेंटों की संख्या बढ़ाएं ताकि एक भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए।

पूर्व में बिहार विधानसभा चुनाव में एसआइआर के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने के बाद पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। आयोग ने इसे राज्य के चुनाव इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। 2014 के लोकसभा चुनावों में बिहार के 96 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ था, लेकिन तकनीकी सुधारों और एसआइआर प्रक्रिया ने इस आवश्यकता को समाप्त कर दिया। यह दर्शाता है कि मतदाता सूची में सुधार और पारदर्शिता के लिए आयोग ने सफल प्रयास किए हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण के इस चरण से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची पूरी तरह सटीक हो। आयोग ने इस बार आधार कार्ड सहित अन्य वैध दस्तावेजों को भी मतदाता पहचान के लिए शामिल किया है। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी पात्र मतदाता का अधिकार हनन न हो और चुनाव प्रक्रिया में सभी को समान अवसर मिले। इस तरह, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर अभियान देश में लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता को और बढ़ावा देगा।

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