मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिद्धार्थनगर में पांच दिवसीय Siddharthnagar Mahotsav का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 1,052 करोड़ रुपये की लागत से जुड़ी 229 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को एक परिवार मानकर विकास की गति को तेज किया गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में नकारात्मक सोच और कमजोर शासन व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र पिछड़ गया था, लेकिन अब मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों से स्थिति बदली है और अशांति के स्थान पर उत्सव का वातावरण बना है।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश: उपेक्षा से आत्मविश्वास तक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश लंबे समय तक उपेक्षा, बीमारियों और आपराधिक गतिविधियों से जूझता रहा। उन्होंने कहा कि एक समय एन्सेफलाइटिस जैसी बीमारी ने गरीब, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के हजारों बच्चों की जान ली।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में इस बीमारी के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समर्पित प्रयासों से दशकों से चली आ रही इस बीमारी को जड़ से समाप्त कर दिया गया है और आज एन्सेफलाइटिस से किसी भी बच्चे की मौत नहीं होती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये बच्चे किसी भी प्रकार का वोट बैंक नहीं, बल्कि राज्य के परिवार के अमूल्य सदस्य हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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समावेशी शासन और कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों और सतत प्रयासों के आधार पर किया जा रहा है। सरकार बिना किसी भेदभाव के आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन, शौचालय, आवास सुविधा और आयुष्मान भारत कार्ड जैसी योजनाएं “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। उन्होंने ‘विकसित भारत जी राम जी’ पहल का भी उल्लेख किया।
अवसंरचना विकास से बदली सिद्धार्थनगर की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आठ–दस वर्ष पूर्व सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज की कल्पना भी कठिन थी। आज माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज संचालित है, नर्सिंग कॉलेज स्थापित हो चुका है, महिला छात्रावास की आधारशिला रखी जा चुकी है और सीएसआर फंड से 1,000 सीटों वाले सभागार का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है।
उन्होंने कहा कि कभी अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, बीमारियों और पलायन के कारण महत्वाकांक्षी जिला घोषित सिद्धार्थनगर अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
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कनेक्टिविटी और आर्थिक गलियारे
बेहतर संपर्क व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चार लेन राजमार्गों सहित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। सिद्धार्थनगर को उन्नत सड़क और रेल मार्गों से जोड़ा जा रहा है।
इटवा, दुमरियागंज और बंसी से गुजरने वाला गोरखपुर–शामली आर्थिक गलियारा जिले के विकास का नया इंजन बनने जा रहा है।
संस्कृति, विरासत और बौद्ध धरोहर
मुख्यमंत्री ने जिले के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर का नाम राजकुमार सिद्धार्थ के नाम पर रखा गया है, जिनका राज्य कपिलवस्तु था। उन्होंने राजकुमार सिद्धार्थ के संन्यास से ज्ञान प्राप्ति और सारनाथ में उनके पहले उपदेश तक की यात्रा का वर्णन करते हुए बताया कि उन्होंने अपना अधिकतम समय श्रावस्ती में बिताया था।
उन्होंने पिपरावा में हाल ही में हुई विदेशी नीलामी के दौरान भगवान बुद्ध के अवशेषों की पहचान का भी जिक्र किया और बताया कि कपिलवस्तु में छात्रावासों व अन्य सुविधाओं के साथ विपश्यना केंद्र विकसित किया जा रहा है।
महिला उद्यमिता, ओडीओपी और कृषि
मुख्यमंत्री ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाले शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्कार बच्चों को विकसित भारत का ध्वजवाहक बनाते हैं। उन्होंने मंच से अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली महिला उद्यमियों को महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया।
उन्होंने ओडीओपी योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिले के प्रदर्शन की प्रशंसा की और बताया कि यहां 2,500 से 3,000 वर्ष पुराने तालाबों के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किसानों को आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि औरैया, एटा, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई जैसे जिलों में किसानों ने तीसरी फसल लेकर प्रति एकड़ लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने सिद्धार्थनगर के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सब्सिडी व सरकारी सहायता का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, प्रभारी मंत्री अनिल राजभर, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही और सैयदा खातून, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे और सपा विधायक सैयदा खातून को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।
अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों तथा दुर्घटना में जान गंवाने वाले अन्य लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
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