Share Market News : भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ सत्र समाप्त किया, जहां निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। सेंसेक्स 436 अंक टूटकर 84,666.28 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 121 अंकों की गिरावट के साथ 25,839.65 पर रहा। कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में मजबूती ने गिरावट के असर को सीमित रखने में योगदान दिया। पीएसयू बैंक, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रा इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिला। सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में इटरनल (Zomato), Titan, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी और भारती एयरटेल शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख लूजर्स रहे।
लार्जकैप शेयरों में दबाव के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मजबूती देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.32% की बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.14% की मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ, जो इस सेगमेंट में निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर निर्णय से पहले निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली है। इसके अलावा FII की लगातार बिकवाली और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार की धारणा पर दबाव बनाया है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर फेड की टिप्पणी और वैश्विक आर्थिक आउटलुक पर रहेगी, जिसके आधार पर बाजार की अगली चाल तय हो सकती है।







