Shamli में तांबा चोरी गिरोह का खुलासा
जनपद में पिछले कुछ समय से नलकूपों और बिजली के ट्रांसफार्मरों से तांबे के तार चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। किसानों और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और आखिरकार गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। Shamli पुलिस ने कांधला थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में चोरी का तांबा, तांबे की चूड़ियां और अन्य सामान बरामद किया है।
एसपी एनपी सिंह ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया।

कैसे काम करता था गिरोह
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से वारदात करता था। आरोपी दिन में बाइक से जंगलों और खेतों में घूमकर ट्यूबवेल और ट्रांसफार्मरों की रेकी करते थे। रात होते ही बिना मोबाइल फोन ले जाए चोरी को अंजाम देते थे, ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके।
Shamli तांबा चोरी के इस मामले में आरोपियों ने बताया कि वे केबिल कटर से तार काटते, कटआउट और स्टार्टर तोड़ते और अंदर से कॉपर तार निकाल लेते थे। चोरी के बाद माल को ग्राम गंगेरू के कब्रिस्तान के पास एक खंडहर में जमा किया जाता था।

भट्टी में गलाकर बनाते थे चूड़ियां
गिरोह का तरीका थोड़ा अलग था। चोरी का तांबा सीधे बेचने के बजाय उसे भट्टी में गलाया जाता था। फिर उससे तांबे की चूड़ियां बनाकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा जाता था।
इस काम में Shamli कबाड़ी राशिद की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार, राशिद अपने यहां तांबा गलवाकर चूड़ियां तैयार करता था। बिक्री से जो रकम मिलती, उसे चारों आरोपी आपस में बांट लेते थे।

कई इलाकों में फैला नेटवर्क
एसपी के मुताबिक, यह गिरोह सिर्फ एक-दो जगह तक सीमित नहीं था। Shamli ट्रांसफार्मर चोरी के मामले गढ़ीपुख्ता, कोतवाली शामली, झिंझाना, थानाभवन, कैराना और कांधला क्षेत्रों में सामने आए थे।
आरोपियों ने लव्या दाउदपुर, बशीचुंदयारी, कसेरवा खुर्द, झारखेड़ी, पंजीठ, हरड़ फतेहपुर और हसनपुर लुहारी सहित कई गांवों में चोरी की घटनाएं स्वीकार की हैं। गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में एक ट्यूबवेल से इन्वर्टर और बैटरी चोरी करने की बात भी कबूल की गई है।

पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
Shamli पुलिस कार्रवाई के तहत कांधला थाना टीम ने शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया। इस दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम शौकत, फुरकान, शिवम और राशिद बताए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से 127 किलो जला हुआ तांबा, 24 किलो ट्रांसफार्मर का सामान, 33 मीटर बिजली लाइन का तार, सैकड़ों की संख्या में बनी हुई तांबे की चूड़िया और एक बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक और अवैध तमंचा बरामद किया है।
इसके अलावा एक अवैध तमंचा, दो अवैध चाकू, चोरी की बाइक और तार काटने के उपकरण भी मिले हैं।
किसानों को हो रहा था नुकसान
ग्रामीण इलाकों में Shamli नलकूप चोरी की घटनाओं से किसान काफी परेशान थे। ट्यूबवेल और ट्रांसफार्मर से तार चोरी होने के कारण सिंचाई व्यवस्था बाधित हो रही थी। कई किसानों को फसल सींचने में दिक्कत आई।
बिजली विभाग को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। बार-बार तार बदलने और मरम्मत में समय और धन दोनों लग रहे थे।
एसपी ने क्या कहा
प्रेस वार्ता के दौरान Shamli एसपी एनपी सिंह ने बताया कि घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर यह सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि जिले में चोरी और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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गिरोह की सावधानी भी सामने आई
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल फोन साथ नहीं रखते थे। वे जानते थे कि फोन की लोकेशन से पुलिस उन तक पहुंच सकती है।
दिन में रेकी और रात में चोरी—यह उनका तय तरीका था। इससे वे लंबे समय तक पकड़ में नहीं आए। लेकिन लगातार निगरानी और सूचना तंत्र के चलते आखिरकार गिरफ्तारी हो गई।
कुल मिलाकर, Shamli में तांबा चोरी करने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से ग्रामीणों और किसानों को राहत मिली है। बड़ी मात्रा में बरामदगी से यह भी साफ है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था।
पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बिजली चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।
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