उत्तर प्रदेश के शामली ( Shamli ) जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थानाभवन और बाबरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात हुए एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर समयदीन उर्फ़ सामा को मार गिराया। लंबे समय से फरार चल रहा यह अपराधी कई गंभीर मुकदमों में वांछित था और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
शामली पुलिस के अनुसार समयदीन की गतिविधियों पर कई दिनों से नजर रखी जा रही थी। मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे अभियान को कानूनी नियमों के अनुसार और आत्मरक्षा में संपन्न किया गया।
सूचना के बाद पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को सोमवार रात करीब तीन बजे सूचना मिली कि कुख्यात बदमाश समयदीन अपने साथियों के साथ थानाभवन क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा है। बाबरी और थानाभवन थाना पुलिस की टीम तुरंत सक्रिय हुई और भैंसानी–इस्लामपुर मार्ग के पास बंद पड़े एक ईंट भट्ठे को चारों ओर से घेर लिया।
पुलिस के अनुसार, जब टीम मौके पर पहुँची तब 4–5 बदमाश आग जलाकर बैठे हुए थे। पुलिस को देखते ही उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की तरफ से हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में एक सिपाही घायल हुआ, जबकि थानाध्यक्ष बाबरी राहुल सिसौदिया की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। इसके बाद पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में समयदीन को गोली लग गई, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
पुलिस टीम ने घायल समयदीन को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, घायल अवस्था में समयदीन ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उसने बताया कि 18 अक्टूबर को हुए मुठभेड़ में मारा गया, 1 लाख का इनामी बदमाश नफीस उसका साथी था। उस समय वह भागने में सफल हो गया था और बाद में कर्नाटक के तुमकूर जिले के ऊरुकेरे क्षेत्र में छिपकर रहने लगा था।
40 वर्षीय समयदीन मूल रूप से शामली के कांधला का रहने वाला था और पिछले कई महीनों से यूपी में वारदात करने के बाद कर्नाटक में शरण ले लेता था। उसके खिलाफ कुल 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें लूट, डकैती, अवैध हथियार और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने कई हथियार और कारतूस बरामद किए। बरामदगी में एक 9 एमएम की पिस्टल, दो खोखा कारतूस, एक .32 बोर पिस्टल, दो खोखा कारतूस, एक 315 बोर का तमंचा, दो खोखा व चार जिंदा कारतूस शामिल हैं । पुलिस का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल वह बड़ी वारदातों की योजना में कर रहा था।
नफीस गैंग का एक्टिव सदस्य था समयदीन
18 अक्टूबर को शामली के कांधला थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ में 1 लाख का इनामी बदमाश नफीस ढेर कर दिया गया था। उस मुठभेड़ में समयदीन उसके साथ मौजूद था, लेकिन मौके से भागने में सफल हो गया। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। दोनों पर यूपी के कई जिलों में मामलों का लंबा रिकॉर्ड है और पुलिस उन्हें एक सक्रिय आपराधिक गिरोह का हिस्सा मानती है। समयदीन को नफीस का सबसे विश्वसनीय साथी माना जाता था।
एसपी ने पुलिस टीम की सराहना की
शामली पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने संयुक्त पुलिस टीम की वीरता और तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस पर फायरिंग के बाद टीम की कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई है। आगे भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
एसपी ने यह भी बताया कि समयदीन की आपराधिक कुंडली खंगाली जा रही है, ताकि उसके नेटवर्क और सहयोगियों की पहचान की जा सके। फरार सहयोगियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
शामली में हाल ही में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। लगातार दो महीनों के भीतर इनामी अपराधियों को ढेर किए जाने से जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के प्रयासों को गति मिली है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी और गैंगस्टर एक्ट जैसे कड़े कानूनों का प्रयोग जारी रहेगा।
यह भी पढे़ – Bulandshahr में दिखा तेंदुआ, वन विभाग ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन







