मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर ने इस बार चढ़ावे की राशि के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दो माह बाद खोले गए मंदिर के भंडार से लगभग 51 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड चढ़ावा राशि मिली है। साथ ही 1 किलो 204 ग्राम सोना और करीब 208 किलो चांदी भी प्राप्त हुई, जो मंदिर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा चढ़ावा माना जा रहा है।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार पिछली कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को खोला गया। इस बार चढ़ावे की राशि व भेंट को दो महीने तक संग्रहित रखा गया था। 19 नवंबर को मंदिर के दान पात्र और भेंट कक्ष में जमा हुए चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था के साथ गणना छह चरणों में पूरी की गई।
नकदी के अलावा इस बार ऑनलाइन मनीऑर्डर और भेंट कक्ष से चढ़ावे की राशि भी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 10 करोड़ 52 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई है। दान पात्र और ऑनलाइन मनीऑर्डर के चढ़ावे को जोड़कर कुल राशि लगभग 51 करोड़ 27 लाख रुपये की रिकॉर्ड संख्या पर पहुंच गई। यह पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को भी पार कर मंदिर इतिहास में विशेष स्थान बना गया है।
चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में भंडार गिनती पूरी
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मंदिर से सोना और चांदी के भंडार की बड़ी मात्रा
श्री सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार से इस बार सोना और चांदी के भी आंकड़े सामने आए। दान पात्र से लगभग 985 ग्राम सोना प्राप्त हुआ और भेंट कक्ष से 219 ग्राम 400 मिलीग्राम सोना मिला। कुल सोने का वजन एक किलो 204 ग्राम 400 मिलीग्राम रहा। इसके अलावा चांदी की बात करें तो दान पात्र से 86 किलो 200 ग्राम चांदी मिली और भेंट कक्ष से 121 किलो 593 ग्राम चांदी प्राप्त हुई। कुल चांदी का वजन 207 किलो 793 ग्राम पहुंचा।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खोला गया भंडार
मंदिर के मासिक मेले के पहले दिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भंडार खोला गया। प्रख्यात अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम ने बताया कि यह आयोजन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर अत्यंत व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।







