संभल में बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन: 50 से ज्यादा घरों के अवैध कनेक्शन कटे

संभल

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संभल में बिजली चोरी अब चोरी या सिर्फ कटिया लगाने तक सीमित नहीं रही… पूरा कारोबार बन चुकी है… यहां, चोरी को बाकायदा एक पूरा सिस्टम बना दिया गया था… जहां, ऊपर से सब कुछ सामान्य… लेकिन ज़मीन के नीचे दौड़ रही थी बिजली की तारे… एक खंभे से उठती लाइन… जो सड़क के नीचे छुपती… और दीवारों को चीरती हुई 40 से 50 घरों तक पहुंचती थी… जहां से चोरी की बिजली सीधे दर्जनों घरों तक सप्लाई की जा रही थी… दरअसल, संभल में बिजली चोरी को लेकर प्रशासन ने वो सच सामने ला दिया है… जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए… और जब डीएम–एसपी खुद गली में उतरे… तो अंधेरे में छुपा पूरा खेल उजाले में आ गया…

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार यानी 5 जनवरी सुबह संभल पुलिस, जिला प्रशासन और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया। अभियान के दौरान कई इलाकों में अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए और आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

यह छापेमारी संभल के राय सत्ती थाना क्षेत्र में सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई, जो लगभग तीन घंटे तक चली। प्रशासन को लंबे समय से इस इलाके में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि कुछ स्थानों पर एक-दो नहीं बल्कि 40 से 50 घरों तक अवैध तरीके से बिजली की सप्लाई की जा रही थी।

कटिया डालकर चल रहा था “मिनी बिजली सप्लाई सिस्टम”

छापेमारी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। राय सत्ती इलाके में एक तीन मंजिला इमारत से खुलेआम बिजली के खंभे पर कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। इसी एक अवैध कनेक्शन से आसपास के 40 से 50 घरों को बिजली सप्लाई दी जा रही थी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था किसी निजी बिजली सप्लाई सिस्टम की तरह काम कर रही थी।

इस मामले में आसिफ नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिनके घर से यह अवैध सप्लाई संचालित हो रही थी। जानकारी के मुताबिक, आसिफ की उम्र करीब 75 साल है और उनके छह बेटे हैं, जो दूध की डेयरी का काम करते हैं। इन पर पहले भी बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और पहले मीटर हटाए जा चुके थे। छापेमारी के वक्त परिवार के सदस्य घर में मौजूद नहीं मिले।

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अंडरग्राउंड तरीके से हो रही थी बिजली चोरी

प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि संभल में बिजली चोरी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया जा रहा था। बिजली चोर पहले मेन लाइन से खंभे के जरिए कनेक्शन लेते थे। इसके बाद तार को सड़क किनारे जमीन के नीचे से ले जाया जाता था। तार को छुपाने के लिए ऊपर कचरा डाल दिया जाता था और फिर दीवार में छेद करके तार को घर के अंदर पहुंचा दिया जाता था। इस तरह बिना मीटर और बिना बिल के लंबे समय से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था।

कुछ स्थानों पर तो एक ही अंडरग्राउंड सिस्टम से 50 से 60 घरों को बिजली सप्लाई दी जा रही थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने इसे “मिनी बिजली सप्लाई घर” करार दिया।

भारी पुलिस बल की तैनाती, धार्मिक स्थलों तक जांच

छापेमारी के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना है कि अभियान पूरी तरह योजनाबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया गया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दायरे में धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

बिजली विभाग की टीम ने मौके पर मिले सभी अवैध तार, उपकरण और कनेक्शन काट दिए हैं। इन सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन का सख्त संदेश

डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इससे आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी होती है। वहीं एसपी केके विश्नोई ने कहा कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढे़ – शामली में पंचायत चुनाव से पहले अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़

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