नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह से पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को ऐलान किया कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड के दौरान VIP कल्चर को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। इसके तहत कर्तव्य पथ पर बनाए जाने वाले सभी एनक्लोजर अब किसी पद या व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि भारतीय नदियों के नाम पर रखे जाएंगे।
रक्षा सचिव ने बताया कि इसी तरह बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए बनाए गए एनक्लोजर का नामकरण भारतीय संगीत वाद्य यंत्रों के नाम पर किया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने और औपनिवेशिक सोच से बाहर निकलने की दिशा में एक अहम कदम है।
उन्होंने कहा, “इस साल VIP कल्चर को खत्म करने के लिए हमने गणतंत्र दिवस परेड के एनक्लोजर का नाम भारतीय नदियों पर और बीटिंग रिट्रीट के एनक्लोजर का नाम म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स पर रखा है।”
कार्यक्रम के बाद चलेगा स्वच्छता अभियान
रक्षा सचिव ने सिर्फ आयोजन ही नहीं, बल्कि स्वच्छता को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जानकारी दी कि 26 जनवरी और 30 जनवरी को कार्यक्रमों के समापन के बाद विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान में NCC कैडेट्स और माय भारत के वॉलंटियर्स शामिल होंगे, जो कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों से कचरा हटाने का काम करेंगे। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय समारोहों के साथ-साथ नागरिक जिम्मेदारी का संदेश देना भी उतना ही जरूरी है।
26 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा 77वां गणतंत्र दिवस
भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस अवसर पर भव्य परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देश की रक्षा क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। परेड में देश के अलग-अलग राज्यों की झांकियां और तीनों सेनाओं की ताकत देखने को मिलेगी।
गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर कर्तव्य पथ पर इन दिनों फुल ड्रेस रिहर्सल चल रही है। बड़ी संख्या में लोग न सिर्फ मौके पर मौजूद रहेंगे, बल्कि टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।
टिकट बिक्री शुरू, जानिए कीमत
गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से शुरू हो चुकी है।
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गणतंत्र दिवस परेड के टिकट: 20 रुपये और 100 रुपये
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बीटिंग रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल: 20 रुपये
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बीटिंग रिट्रीट मुख्य समारोह: 100 रुपये
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की अंतरराष्ट्रीय चमक भी खास रहेगी। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक तीन दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता इस बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे।
अपने दौरे के दौरान ये नेता 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। इसके अलावा वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीमित व प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे।
गणतंत्र दिवस से पहले लिए गए ये फैसले न सिर्फ समारोह को ज्यादा समावेशी बनाएंगे, बल्कि देश की संस्कृति, स्वच्छता और समानता के संदेश को भी मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।







