राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इतिहास रचा, राफेल में भरी पहली उड़ान
बुधवार का दिन भारतीय वायुसेना और देश के लिए गर्व का पल बन गया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने फ्रांस निर्मित इस अत्याधुनिक विमान में उड़ान भरी हो। राष्ट्रपति मुर्मु ने सुबह अंबाला पहुंचकर एयरबेस पर मौजूद वायुसेना अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद उन्होंने फाइटर पायलट सूट पहनकर उड़ान की तैयारी शुरू की। राफेल के कॉकपिट में उनके साथ एक अनुभवी महिला पायलट थीं, जिन्होंने विमान की कमान संभाली। करीब बीस मिनट तक चले इस उड़ान अनुभव ने न केवल राष्ट्रपति के साहस को दर्शाया, बल्कि वायुसेना के जज़्बे को भी नई ऊंचाई दी।
राष्ट्रपति की इस उड़ान को “ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़े वायुवीरों के सम्मान समारोह से जोड़ा गया था। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य के गृह मंत्री अनिल विज समेत कई वरिष्ठ रक्षा अधिकारी इस मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई थी और स्टेशन परिसर में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
राष्ट्रपति #द्रौपदी_मुर्मु भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफ़ेल में ऐतिहासिक उड़ान भरने को तैयार। #DroupadiMurmu #Rafale #IndianAirForce #Ambala@rashtrapatibhvn @IAF_MCC pic.twitter.com/BxmwUmqjuy
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) October 29, 2025
महिला पायलट के साथ उड़ान, भारत में नारी शक्ति का प्रतीक
इस उड़ान की सबसे विशेष बात यह रही कि राष्ट्रपति मुर्मु के साथ कॉकपिट में एक महिला फाइटर पायलट थीं। यह क्षण देश में नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया। राष्ट्रपति ने उड़ान से पहले एयरफोर्स की महिला पायलटों से बातचीत की और उनकी मेहनत व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की बेटियाँ आज हर क्षेत्र में नया इतिहास लिख रही हैं और भारतीय वायुसेना इसका सबसे प्रेरक उदाहरण है।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन, जहां राफेल विमानों की पहली खेप तैनात की गई थी, देश के सबसे रणनीतिक एयरबेस में से एक है। राष्ट्रपति का यह दौरा वायुसेना के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा। सूत्रों के अनुसार, उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने राफेल की तकनीकी क्षमताओं और सुरक्षा तंत्र को लेकर ब्रीफिंग ली। इस दौरान उन्होंने विमान के प्रदर्शन और भारतीय वायुसेना की तत्परता की प्रशंसा की।
इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ राष्ट्रपति मुर्मु देश की दूसरी ऐसी महिला राष्ट्रपति बन गई हैं जिन्होंने किसी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। इससे पहले वर्ष 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने पुणे के लोहगांव एयरफोर्स बेस से सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरकर इतिहास रचा था।
राष्ट्रपति #द्रौपदी_मुर्मु भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफ़ेल में ऐतिहासिक उड़ान भरी।#DroupadiMurmu #Rafale #IndianAirForce #Ambala@rashtrapatibhvn @IAF_MCC pic.twitter.com/LYsAPTRSLD
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राफेल: भारत की आसमान पर ताकत का प्रतीक
फ्रांस से खरीदे गए राफेल लड़ाकू विमान आज भारतीय वायुसेना की रीढ़ बन चुके हैं। वर्ष 2016 में भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते के तहत कुल 36 राफेल विमानों की खरीद की गई थी। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को भारत पहुंची थी, जिसमें पाँच राफेल विमान शामिल थे। इन विमानों ने फ्रांस के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी और संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा एयरबेस पर रुकने के बाद अंबाला एयरबेस पहुंचे।
10 सितंबर 2020 को राफेल विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज” में शामिल किया गया। उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने कार्यक्रम में शिरकत की थी। राफेल की खासियत इसकी 4.5 जेनरेशन तकनीक, अत्याधुनिक रडार सिस्टम और ‘स्काल्प’ व ‘मेटेओर’ जैसी मिसाइलों से लैस हथियार क्षमता है। यह विमान हवा में ईंधन भरने, दिन-रात हर मौसम में मिशन संचालित करने और लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदने की क्षमता रखता है।
देशभर से मिली प्रतिक्रिया, बढ़ा वायुसेना पर गर्व
राष्ट्रपति की राफेल उड़ान पर देशभर से शुभकामनाओं और गर्व के संदेशों की बाढ़ आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “भारत की बेटियों के साहस और राष्ट्र के आत्मविश्वास का प्रतीक” बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु का यह कदम देश की सैन्य परंपरा को और मजबूत करता है। सोशल मीडिया पर लोगों ने राष्ट्रपति की तस्वीरों और वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि यह क्षण भारत की गौरवशाली यात्रा में एक नया अध्याय है।
महिला पायलटों ने भी राष्ट्रपति के इस कदम को प्रेरणादायक बताया। वायुसेना अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति की उड़ान ने वायुसेना कर्मियों का मनोबल कई गुना बढ़ा दिया है। अंबाला के स्थानीय लोगों ने एयरबेस के बाहर देशभक्ति गीतों के साथ इस मौके का जश्न मनाया। कई पूर्व वायुसेना अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति का यह अनुभव उन्हें वायुसेना की चुनौतियों और समर्पण को और करीब से समझने में मदद करेगा।



