रांची (ब्यूरो)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में योग और महिला शक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट, रिलेशंस और नटराज योग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष समारोह में योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं और बेटियों को ‘बेस्ट योगिनी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि समाज को योग के जरिए स्वस्थ रहने का एक सशक्त संदेश भी दिया।
राजधानी के इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रांची की महापौर रौशनी खलखो और जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह ने शिरकत की। मंच पर जब योग की साधना करने वाली बेटियों और अनुभवी महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महापौर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है और महिलाएं इसे सहेजने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वस्थ समाज की नींव: जब घर की महिलाएं अपनाती हैं योग
कार्यक्रम के आयोजक और रिलेशंस के निदेशक आशुतोष द्विवेदी ने सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग ही वह सरल मार्ग है जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बना सकता है। उन्होंने एक बेहद पते की बात कही कि जब परिवार की महिलाएं योग को अपनाती हैं, तो पूरा घर स्वतः ही स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाता है। एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ और खुशहाल परिवार की धुरी होती है।
वहीं, नटराज योग संस्थान के निदेशक आर्य प्रहलाद भगत ने योग के बदलते स्वरूप पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि योग अब केवल ऋषि-मुनियों की साधना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अब एक वैश्विक खेल के रूप में पहचान बना चुका है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘खेलो इंडिया विमेन लीग’ जैसे कार्यक्रमों ने योगासन को एक नई ऊंचाई दी है, जिससे बेटियों के लिए करियर के नए रास्ते खुले हैं।
इन प्रतिभाओं को मिला ‘बेस्ट योगिनी’ का सम्मान
इस समारोह में योग और योगासन खेल से जुड़ी कई उभरती हुई खिलाड़ियों और अनुभवी योग प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों की सूची में डॉ. संतोषी कुमारी, चैताली मुखर्जी, अंजना सिंह, पूजा सिंह, सरिता सिंह, संगीता बनर्जी और माही कुमारी जैसे नाम शामिल थे। इसके अलावा युवा प्रतिभाओं में कशक, अंजली कुमारी, स्मृति कुजूर, आकांक्षा कुमारी, पम्मी कुमारी, कोमल रे, निधि कुमारी, अनूपा किंडो और रेशमी तिर्की को भी उनकी मेहनत के लिए सराहा गया।
इन खिलाड़ियों की आंखों में अपने हुनर के प्रति एक अलग ही चमक थी। कई बेटियों ने इस अवसर पर कठिन योगासनों का प्रदर्शन भी किया, जिसे देख अतिथि और दर्शक दंग रह गए। रौशनी खलखो ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रांची की इन बेटियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम की सफलता में शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों का भी बड़ा योगदान रहा। इस अवसर पर समाजसेवी राज कुमार पोद्दार, अन्नू पोद्दार, डॉ. सी. के. मिश्रा, राजीव रंजन, रोहित अग्रवाल, आनंद केडिया, उमेश केडिया और स्मिता केडिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में माना कि योग को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।
खिलाड़ियों के अभिभावकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। नटराज योग संस्थान के सदस्यों ने अंत में संकल्प लिया कि वे रांची के हर वार्ड और हर मोहल्ले तक योग की शिक्षा पहुँचाने का प्रयास करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह नारी शक्ति के अनुशासित और स्वस्थ स्वरूप का एक भव्य प्रदर्शन था।