रामनगरी अयोध्या में आज एक ऐतिहासिक क्षण ने जन्म लिया, जब PM Modi ने धर्मध्वजा फहराई। इस समारोह में उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने इस अवसर पर रामभक्तों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें साझा की।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: ‘आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय’
PM Modi ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “आज संपूर्ण भारत और संपूर्ण विश्व राममय है।” उन्होंने आगे कहा, “हर रामभक्त के हृदय में आज अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, और अपार अलौकिक आनंद है। आज सदियों का घाव भर रहा है, और वह वेदना समाप्त हो रही है।” पीएम मोदी ने 500 वर्षों की आस्था और विश्वास का जिक्र करते हुए यह बताया कि रामभक्तों का संकल्प अब सिद्ध हो चुका है।
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व…राममय है: PM @narendramodi pic.twitter.com/NaWcE8NAED
— PMO India (@PMOIndia) November 25, 2025
धर्म ध्वजा: भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक
PM Modi ने कहा, “यह धर्म ध्वजा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है।” उन्होंने कहा कि यह ध्वज भगवा रंग, सूर्यवंश, ओम और कोविदार वृक्ष जैसे प्रतीकों से रामराज्य की कृति को दर्शाता है। यह ध्वज संकल्प, संघर्ष और सफलता का साकार रूप है, जो सदियों से चले आ रहे सपनों को साकार करता है।
ये धर्म ध्वजा केवल एक ध्वज नहीं… ये भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है: PM @narendramodi pic.twitter.com/3sI3HsusQe
— PMO India (@PMOIndia) November 25, 2025
ध्वज का संदेश: सत्य, कर्तव्य और समृद्धि
PM Modi ने धर्म ध्वजा के संदेश को साझा करते हुए कहा, “यह ध्वज ‘सत्यमेव जयते’ का आह्वान करेगा।” इसका संदेश यह होगा कि सत्य ही धर्म का स्तंभ है। यह ‘प्राण जाय पर वचन नहीं जाए’ के सिद्धांत को प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह ध्वज कर्म और कर्तव्य की प्रधानता को बढ़ावा देगा और समाज में शांति और सुख के लिए प्रार्थना करेगा।”
![]()
ध्वज: दूर से ही रामलला के दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि धर्मध्वज उन भक्तों के लिए भी पुण्य का स्रोत बनेगा जो मंदिर नहीं जा पाते। उन्होंने कहा, “यह ध्वज रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और दूर से प्रणाम करने वालों को उतना ही पुण्य मिलेगा।”
यह भी पढ़ें : CM योगी ने दोहराया- ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का नारा
अयोध्या: आदर्श आचरण की भूमि
प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या को आदर्श आचरण की भूमि बताया। उन्होंने कहा, “अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं।” यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया। पीएम मोदी ने उदाहरण के तौर पर कहा, “जब राम अयोध्या से गए, तो वे युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए।” उन्होंने अयोध्या के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया, जहां समाज की शक्ति से पुरुषोत्तम राम बने।







