आज उत्तर प्रदेश के लिए, और खासकर अयोध्या और मथुरा-वृंदावन के भक्तों के लिए एक बहुत ही खास दिन है। हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी आज से उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उनके इस दौरे की शुरुआत प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या से हुई है। इस यात्रा में कई ऐसी चीजें हो रही हैं जो न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आम जनता और विकास के नजरिए से भी बहुत मायने रखती हैं। आइए,इस पूरी यात्रा और Ram Mandir में हुए विशेष अनुष्ठानों के बारे में विस्तार से बात करते हैं।
अयोध्या में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत और भक्तिमय माहौल
आज सुबह करीब 10 बजे जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी का विमान अयोध्या के हवाई अड्डे पर उतरा, तो वहां का माहौल देखने लायक था। उनकी अगवानी के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मौजूद थे। साथ में दोनों डिप्टी सीएम, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी वहां पहुंचे। अयोध्या को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया है। सड़कों पर केसरिया झंडे लहरा रहे हैं और हर तरफ एक अलग ही उत्साह है।

यह यात्रा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें केवल बड़े वीआईपी ही नहीं, बल्कि उन मजदूरों, दुकानदारों और कारीगरों को भी आमंत्रित किया गया है जिन्होंने इस भव्य मंदिर के निर्माण में अपना पसीना बहाया है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा है कि श्रद्धालुओं को ज्यादा परेशानी न हो।

श्री राम यंत्र की स्थापना और इसका आध्यात्मिक महत्व
अयोध्या पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सीधे Ram Mandir पहुंचीं। वहां उन्होंने सबसे पहले रामलला के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। लेकिन इस बार की पूजा में सबसे खास बात थी ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना। वैदिक आचार्यों की देखरेख में मंत्रोच्चार के साथ इस यंत्र को मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया गया।
धार्मिक जानकारों और संतों का कहना है कि Ram Mandir में इस यंत्र की स्थापना आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में काम करेगी। इसे भगवान श्री राम का हृदय स्वरूप माना जाता है। महंत विष्णु दास जी ने बताया कि नवरात्रि के इस पावन समय में जब राष्ट्रपति खुद यहां मौजूद हैं, तो इस यंत्र की स्थापना का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा और मंदिर की दिव्यता को और अधिक बढ़ाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण
जब से अयोध्या में Ram Mandir का निर्माण हुआ है, हर दिन वहां कुछ न कुछ नया और मंगलकारी हो रहा है। आज जब राष्ट्रपति ने मूर्ति के सामने आरती की, तो वह दृश्य बहुत ही भावुक करने वाला था। मंदिर के मुख्य रास्तों और चौराहों पर बड़े-बड़े बैनर लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी अयोध्या को इतना सजा हुआ और व्यवस्थित नहीं देखा।
राष्ट्रपति मुर्मु ने न केवल पूजा की, बल्कि वहां मौजूद कारीगरों से भी मुलाकात की। Ram Mandir के निर्माण में लगे लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि देश की प्रथम नागरिक उनके काम का सम्मान करने वहां पहुंची हैं। दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम ने पूरी अयोध्या को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

मथुरा और वृंदावन का तीन दिवसीय धार्मिक प्रवास
अयोध्या के बाद राष्ट्रपति मुर्मु का अगला पड़ाव कान्हा की नगरी मथुरा और वृंदावन है। आज शाम वह मथुरा पहुंचेंगी और वहां भी उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। वह वृंदावन के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर की लाइटिंग और वहां का फाउंटेन शो पूरी दुनिया में मशहूर है, और राष्ट्रपति वहां की दिव्यता का अनुभव करेंगी।
मथुरा-वृंदावन में भी सुरक्षा व्यवस्था वैसी ही कड़ी रखी गई है जैसी अयोध्या में थी। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय इंतजाम किए गए हैं और यातायात के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं ताकि आम लोगों और राष्ट्रपति के काफिले को कोई असुविधा न हो।
संतों से मुलाकात और जनसेवा के कार्यों की शुरुआत
अगले दिन यानी 20 मार्च को राष्ट्रपति वृंदावन के कई महत्वपूर्ण आश्रमों का दौरा करेंगी। वह केलिकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से मिलेंगी, नीब करोली बाबा के आश्रम जाएंगी और उड़िया आश्रम भी जाएंगी। इन मुलाकातों को सनातन परंपरा के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
धार्मिक यात्रा के साथ-साथ वह समाज सेवा के कार्यों में भी हिस्सा लेंगी। वह रामकृष्ण मिशन सेवा ट्रस्ट अस्पताल में एक नई कैंसर यूनिट का उद्घाटन करेंगी। यह ब्रज क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत होगी। इसके अलावा, वह वात्सल्य ग्राम जाकर छात्राओं से बातचीत भी करेंगी। यह दिखाता है कि Ram Mandir के दर्शन के साथ-साथ उनका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जमीनी मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है।
गोवर्धन परिक्रमा: एक नया इतिहास रचेंगी राष्ट्रपति
इस यात्रा का सबसे यादगार हिस्सा 21 मार्च को होने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गोवर्धन जाकर गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक करेंगी। सबसे बड़ी बात यह है कि वह गोल्फ कार्ट के जरिए 21 किलोमीटर की पूरी गिरिराज परिक्रमा करेंगी। ऐसा करने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति बनेंगी।
भगवान कृष्ण की इस पवित्र स्थली पर परिक्रमा करना हर भक्त की इच्छा होती है। राष्ट्रपति का यह कदम दिखाता है कि वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं। Ram Mandir में यंत्र स्थापना से शुरू हुआ यह सफर गोवर्धन की परिक्रमा के साथ संपन्न होगा।
अयोध्या और मथुरा में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
इतने बड़े स्तर के दौरे के लिए प्रशासन ने महीनों पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। अयोध्या में Ram Mandir के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी और सशस्त्र बलों को तैनात किया गया है। वहीं मथुरा में भी हर महत्वपूर्ण बिंदु पर पुलिस बल मुस्तैद है। सोशल मीडिया और अवांछित तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि शांति बनी रहे। स्थानीय प्रशासन ने सफाई और लाइटिंग पर भी काफी काम किया है, जिससे शहर की सुंदरता में चार चांद लग गए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यह यात्रा धर्म, संस्कृति और सेवा का एक सुंदर मेल है। अयोध्या के राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना से जो आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है, वह करोड़ों भक्तों की आस्था को और मजबूती देगा। वहीं मथुरा-वृंदावन में उनका संतों से मिलना और जनसेवा के कार्यों में शामिल होना यह संदेश देता है कि देश का शीर्ष नेतृत्व अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। Ram Mandir की दिव्यता और गोवर्धन की भक्ति के बीच राष्ट्रपति का यह दौरा उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक विशेष स्थान रखेगा। उम्मीद है कि यह यात्रा प्रदेश में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगी।

