राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को संसद के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आज देश के लगभग 95 करोड़ नागरिक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं, जो समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।

तेज़ प्रगति और सांस्कृतिक विरासत का यादगार वर्ष
अपने संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि उन्हें संसद के इस महत्वपूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछला वर्ष भारत की तेज़ प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा।
उन्होंने बताया कि पूरे देश में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है और देशवासी इस महान रचना के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने संसद में वंदे मातरम पर आयोजित विशेष चर्चा के लिए सभी सांसदों को बधाई दी और इसे राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने वाला कदम बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन के दौरान ‘विकसित भारत- जी राम जी’ क़ानून’ का ज़िक्र होते ही विपक्ष ने सदन में किया हंगामा, शोर-शराबे के बीच राष्ट्रपति मुर्मु ने गिनाईं उपलब्धियां…#BudgetSession2026 #Budget2026 #Parliament #DroupadiMurmu @rashtrapatibhvn pic.twitter.com/3wK5Jnxt3J
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‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिला नया बल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इसके साथ ही भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें याद किया और आदिवासी समाज के लिए उनके योगदान को नमन किया।
उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक मजबूत किया। इन आयोजनों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के विचार को नई ऊर्जा प्रदान की।
संगीत, संस्कृति और एकता का संगम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने भाषण में भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोहों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों ने पूरे देश को संगीत और सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई राष्ट्र अपने महापुरुषों और पूर्वजों के योगदान को स्मरण करता है, तो उससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और विकसित भारत की यात्रा को गति मिलती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है। पिछला साल भारत की तेज़ प्रगति और विरासत के त्योहार के रूप में यादगार रहा…”#BudgetSessionOnAIR #Budget2026 pic.twitter.com/F8eUNfmBax
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भारत ने सदी के दूसरे चरण में किया प्रवेश
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। इस सदी के पहले 25 वर्ष उपलब्धियों, गर्व और अनुभवों से भरे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में अपनी नींव मजबूत की है। यह कालखंड विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त आधार साबित होगा।
बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संसद पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई। यह सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा और कुल 30 बैठकें होंगी।
केंद्रीय बजट और राजनीतिक गतिविधियां
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होगा। रविवार होने के बावजूद बजट पेश करने की विशेष तैयारियां की गई हैं।
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