संगम तट पर भूमि पूजन के साथ माघ मेले की तैयारियों का शुभारंभ
प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का संगम सजने जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 की तैयारियां सोमवार से विधिवत रूप से शुरू हो गईं, जब पुलिस विभाग की ओर से त्रिवेणी मार्ग स्थित स्थल पर भूमि पूजन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरि जी महाराज ने पूजन किया और मेले के शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। इस अवसर पर प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार, एडिशनल एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा, एन. कोलांची, डीसीपी सिटी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भूमि पूजन के साथ ही प्रयागराज पुलिस की ओर से माघ मेले की सुरक्षा, व्यवस्था और सुविधा से जुड़ी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है।
आज दिनांक 10-11-2025 को श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के महंत श्री बलवीर गिरि जी महाराज एवं पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मेलाधिकारी द्वारा माघ मेला 2025-26 के सकुशल आयोजन हेतु संगम पवित्र स्थल पर वैदिक रीतिरिवाज व मन्त्रोच्चार के साथ भूमि-पूजन किया गया। इस… pic.twitter.com/Rk9ojrBilu
— POLICE COMMISSIONERATE PRAYAGRAJ (@prayagraj_pol) November 10, 2025
पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, सात सेक्टरों में बनेगा मेला क्षेत्र
इस वर्ष माघ मेला लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैलेगा, जिसे सात प्रमुख सेक्टरों में विभाजित करने की योजना है। पुलिस विभाग की ओर से मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए 17 थाने, 40 पुलिस चौकियां और 17 फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। भूमि पूजन के उपरांत पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक चरण में लगभग 15 प्रतिशत पुलिस बल को मेला क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में बढ़ती भीड़ को संभालने की रणनीति को परखा जा सके।
डीसीपी ट्रैफिक नीरज पांडेय को इस बार माघ मेले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो संपूर्ण यातायात और सुरक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस विभाग का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह के बजाय सात पांटून पुल तैयार किए जा रहे हैं, जिससे स्नान पर्वों के दौरान आवागमन सुचारू रहे।
श्रद्धा और सुरक्षा का संगम, भूमि पूजन में उमड़ी आस्था
भूमि पूजन समारोह में आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। महंत बलवीर गिरि ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मेले के निर्विघ्न आयोजन की प्रार्थना की। भूमि पूजन के साथ ही पुलिस विभाग के ध्वज का पूजन भी किया गया, जो इस आयोजन के आधिकारिक प्रारंभ का प्रतीक माना गया। मौके पर उपस्थित पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रयागराज माघ मेला केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस बार मेले में हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। CCTV कैमरों, ड्रोन सर्विलांस और कंट्रोल रूम के माध्यम से मेला क्षेत्र की सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि कोई भी अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
मेले का कैलेंडर जारी, पौष पूर्णिमा से होगी शुरुआत
माघ मेला 2026 का शुभारंभ 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से होगा। इसके बाद 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर मुख्य स्नान पर्व होंगे। प्रशासन के अनुसार, हर पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना है। इसलिए, सुरक्षा और व्यवस्था के सभी आयामों को लेकर विभागों के बीच समन्वय बैठकों की श्रृंखला शुरू कर दी गई है।
भूमि समतलीकरण, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल पाइपलाइन और सीवरेज प्रबंधन जैसे कार्य तेजी से चल रहे हैं। साथ ही, संगम क्षेत्र में अस्थायी पुलिस लाइन, राहत शिविर और हेल्थ सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।









