सक्रिय सुशासन और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में प्रधानमंत्री के प्रमुख तंत्र ‘प्रगति’ (Pragati) ने अपनी 50वीं बैठक के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस डिजिटल मंच की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सीधी निगरानी और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

Pragati मंच ने केंद्र, राज्य सरकारों और विभिन्न मंत्रालयों को एक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़कर सहकारी संघवाद का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आई है, परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की पहचान आसान हुई है और जवाबदेही तय करने में मदद मिली है।
PRAGATI के माध्यम से विकास को मिली नई गति।प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा हुई।
उच्च स्तरीय बैठकों ने समयबद्ध निर्णय, प्रभावी समन्वय और मजबूत जवाबदेही सुनिश्चित की। परिणाम—तेज़ प्रगति और ज़मीन पर दिखता विकास।#PRAGATI50 #PRAGATI #GoodGovernance pic.twitter.com/yqVHS47HH0
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) January 8, 2026
इस विशेष श्रृंखला में महाराष्ट्र के सोलापुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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