विकास का महाकुंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तमिलनाडु और पुडुचेरी दौरा, 7100 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगात

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नई दिल्ली/चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 मार्च 2026 को तमिलनाडु और पुडुचेरी के एक महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। राजस्थान और गुजरात के अपने व्यस्त दौरे को पूरा करने के बाद, प्रधानमंत्री 28 फरवरी की रात करीब 9 बजे चेन्नई पहुंचेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दक्षिण भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई गति देना है।

प्रधानमंत्री इस एक दिवसीय दौरे के दौरान कुल 7,100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण करेंगे।

पुडुचेरी में 2,700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स: स्मार्ट सिटी से फार्मा पार्क तक

1 मार्च की सुबह करीब 11:45 बजे प्रधानमंत्री पुडुचेरी पहुंचेंगे। यहाँ वे ₹2,700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। पुडुचेरी के कायाकल्प के लिए प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे हैं:

  • शहरी परिवहन: PM ई-बस सेवा के तहत नई ई-बसों की शुरुआत।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य: NIT कराईकल में ‘डॉ. APJ अब्दुल कलाम ब्लॉक’ और पांडिचेरी यूनिवर्सिटी में नई इमारतों का उद्घाटन। JIPMER में रीजनल कैंसर सेंटर का आधुनिकीकरण।

  • औद्योगिक क्रांति: 750 एकड़ में फैला करासुर-सेदारापेट इंडस्ट्रियल एस्टेट राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिसमें फार्मा, आईटी और टेक्सटाइल पार्क शामिल हैं।

  • स्मार्ट गवर्नेंस: इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और CITIIS पहल के तहत गरीबों के लिए आवास।

मदुरै में 4,400 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और आध्यात्मिक दर्शन

दोपहर 3 बजे प्रधानमंत्री मदुरै पहुंचेंगे, जहाँ वे ₹4,400 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए नेशनल हाईवे के महत्वपूर्ण खंडों का शिलान्यास शामिल है:

  • NH-332A (मरक्कनम-पुडुचेरी): इसे चार लेन का बनाने से महाबलीपुरम और ऑरोविले जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी और यात्रा का समय 50% कम हो जाएगा।

  • NH-87 (परमकुडी-रामनाथपुरम): इसके चार लेन बनने से मदुरै, रामेश्वरम और धनुषकोडी जैसे धार्मिक केंद्रों तक पहुंच तेज होगी।

  • धार्मिक दर्शन: शाम 4 बजे प्रधानमंत्री मदुरै के ऐतिहासिक तिरुप्पारनकुंद्रम अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।

रेलवे और ब्रॉडकास्टिंग का आधुनिकीकरण

प्रधानमंत्री के इस दौरे में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत तमिलनाडु के 8 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों (जैसे पोलाची, कराईकुडी, थिरुवरूर आदि) का उद्घाटन होगा। इन स्टेशनों को आधुनिक पैसेंजर सुविधाओं और स्थानीय वास्तुकला के संगम के रूप में तैयार किया गया है।

इसके अतिरिक्त, चेन्नई बीच-चेन्नई एग्मोर के बीच चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की जाएगी, जिससे ऑफिस जाने वाले लाखों डेली कम्यूटर्स को राहत मिलेगी। साथ ही, कुंभकोणम, येरकॉड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी FM रिले ट्रांसमीटर का उद्घाटन भी किया जाएगा।

विशेष रिपोर्ट: रोजगार और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का नया अध्याय

प्रधानमंत्री के इस दौरे में 750 एकड़ में फैले करासुर-सेदारापेट इंडस्ट्रियल एस्टेट का समर्पण रोजगार के मोर्चे पर सबसे बड़ा कदम है। यह केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक ‘इकोनॉमिक हब’ है जो आने वाले समय में हजारों परिवारों की आय का जरिया बनेगा।

1. रोजगार सृजन: 25,000+ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर

करासुर-सेदारापेट इंडस्ट्रियल एस्टेट के माध्यम से सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए कई स्तरों पर रोजगार पैदा करना है:

  • फार्मा और टेक्सटाइल पार्क: इन दो क्षेत्रों में लेबर-इंटेंसिव काम होने के कारण स्थानीय महिलाओं और कुशल श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियां निकलेंगी।

  • IT और R&D हब: IIT मद्रास के रिसर्च सेंटर और IT पार्क की स्थापना से उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को अब चेन्नई या बेंगलुरु की ओर नहीं भागना पड़ेगा।

  • मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: मदुरै-रामेश्वरम कॉरिडोर और फिशिंग क्लस्टर के जुड़ाव से लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन सेक्टर में हजारों नए स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को मौका मिलेगा।

2. PM ई-बस सेवा: पुडुचेरी का नया रूट मैप

पुडुचेरी जैसे पर्यटन प्रधान और शहरी इलाके में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को सुलभ बनाने के लिए PM ई-बस सेवा गेम-चेंजर साबित होगी।

संभावित रूट और विशेषताएं:

  • प्रमुख कॉरिडोर: ई-बसों को मुख्य रूप से पुडुचेरी के हेरिटेज टाउन, ऑरोविले रोड और कराईकल के शैक्षणिक संस्थानों (NIT, JIPMER) को जोड़ने वाले रूट्स पर चलाया जाएगा।

  • स्मार्ट कनेक्टिविटी: इन बसों को ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री रीयल-टाइम लोकेशन और खाली सीटों की जानकारी मोबाइल ऐप पर देख सकेंगे।

  • पर्यावरण सुरक्षा: ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे तटीय इलाकों में कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों को सस्ते में यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि पुडुचेरी आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रीमियम अनुभव होगा।

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