प्रधानमंत्री Modi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के नए इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का स्पेस सेक्टर बहुत बदल गया है—यह अब ज्यादा खुला, सहयोगी और नवाचार को बढ़ावा देने वाला बन गया है।
युवाओं के लिए नए अवसर
पीएम Modi ने बताया कि सरकार ने जब से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोला है, तब से युवाओं—खासकर जेन Z—को नए स्टार्टअप, तकनीक और प्रयोगों के बड़े मौके मिले हैं। भारत के पास विश्वस्तरीय इंजीनियर, आधुनिक उत्पादन क्षमता और शानदार लॉन्च सुविधाएं हैं, जो हमें दुनिया में अलग पहचान देती हैं।
इन्फिनिटी कैंपस—भारत की नई सोच
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की रचनात्मक सोच, नई तकनीक अपनाने की हिम्मत और उद्यमिता की भावना ने देश को कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है। स्काईरूट का इन्फिनिटी कैंपस इसी आधुनिक सोच, नवाचार और युवा ऊर्जा का प्रतीक है।

विक्रम-I रॉकेट का अनावरण
पीएम Modi ने स्काईरूट के पहले ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 का भी अनावरण किया। इसमें उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने की क्षमता है। नए कैंपस में 20,000 वर्ग फुट का क्षेत्र है जहाँ कई लॉन्च वाहनों का डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और प्रशिक्षण होगा। यहाँ हर महीने एक नया कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता भी होगी।
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इसरो की प्रशंसा
अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाली सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक संस्था ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई उड़ान दी है। उसने विश्वसनीयता, क्षमता और अपने काम से हर प्रकार से भारत की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया भर में एक मजबूत पहचान बना रही है।
वैश्विक कंपनियाँ भारत की ओर आकर्षित
दुनिया भर में छोटे उपग्रहों की मांग बढ़ रही है और अंतरिक्ष अब रणनीतिक क्षेत्र बन गया है। आने वाले वर्षों में ग्लोबल स्पेस इकोनॉमी कई गुना बढ़ने वाली है—जो भारतीय युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है।
स्काईरूट—भारत का अग्रणी निजी स्पेस स्टार्टअप
स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की, जो IIT के पूर्व छात्र और ISRO के पूर्व वैज्ञानिक हैं। 2022 में कंपनी ने विक्रम-S रॉकेट लॉन्च कर भारत की पहली निजी कंपनी के रूप में इतिहास रचा।







