PM Modi का रामनाथ गोयनका व्याख्यान

PM Modi

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PM Modi ने सोमवार को छठे रामनाथ गोयनका व्याख्यान में अपने भाषण के दौरान देशवासियों से अपील की कि अगले दस वर्षों में गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता उपनिवेशवाद की उपज है और अब समय आ गया है कि भारत इससे पूरी तरह उबर जाए। प्रधानमंत्री ने लोगों से सामूहिक रूप से औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति के लिए कदम उठाने का आह्वान किया।

लोकतंत्र की शक्ति और सशक्तिकरण 

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि रामनाथ गोयनका का जीवन राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता और सत्य के प्रति निष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा और यही भावना आज भी पत्रकारिता और लोकतंत्र दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

लोकतंत्र के संदर्भ में उन्होंने हाल के बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र किया और कहा कि रिकॉर्ड मतदान, खासकर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, यह दर्शाती है कि भारत का लोकतंत्र और भी सशक्त हो रहा है।

भारत के विकास की वैश्विक पहचान   

PM Modi ने भारत की आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन को वैश्विक उदाहरण बताते हुए कहा कि यह विकास दुनिया के लिए आशा का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने चुनावी सफलता के बारे में कहा कि जीत का असली मंत्र जनता की भावनाओं को समझना है, न कि हमेशा चुनावी मोड में रहना।

लोकतंत्र पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कही यह बात   

लोकतंत्र पर बात करते हुए पीएम मोदी ने हाल के बिहार विधानसभा चुनाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड मतदान और विशेष रूप से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत का लोकतंत्र लगातार सशक्त हो रहा है।

 माओवादी प्रभाव में कमी  

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि माओवाद का प्रभाव लगातार घट रहा है, जो भारत के विकास और सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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