प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘सुप्रभातम्’ की विशेष रूप से तारीफ की और इसे दिन की शुरुआत करने का एक ताजा और प्रेरणादायक तरीका बताया। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सुबह-सुबह दर्शकों को ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने लिखा, “दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सुप्रभातम् कार्यक्रम सुबह-सुबह ताजगी भरा एहसास देता है। इसमें योग से लेकर भारतीय जीवन शैली तक अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती है। भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम है।”
प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में शो के वीडियो क्लिप भी साझा किए और विशेष रूप से संस्कृत सुभाषित की ओर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने लिखा, “सुप्रभातम् कार्यक्रम में एक विशेष हिस्से की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा। यह है संस्कृत सुभाषित। इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति और विरासत को लेकर एक नई चेतना का संचार होता है।” इसके साथ ही उन्होंने यूट्यूब लिंक भी साझा किया और दर्शकों से इसे देखने और कार्यक्रम की समृद्ध सांस्कृतिक सामग्री का अनुभव करने का आग्रह किया।
दरअसल, डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन न्यूज़) पर प्रसारित होने वाला ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और स्वस्थ जीवन शैली को उजागर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका मकसद दर्शकों को योग, ध्यान, आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित जीवन शैली के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना और उनके दिन की शुरुआत को सार्थक बनाना है।
दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सुप्रभातम् कार्यक्रम सुबह-सुबह ताजगी भरा एहसास देता है। इसमें योग से लेकर भारतीय जीवन शैली तक अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती है। भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम है।…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 8, 2025
कार्यक्रम में आमतौर पर योग और ध्यान की तकनीकों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े टिप्स, भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोणों पर चर्चा, तथा जीवन के सकारात्मक मूल्यों को अपनाने की जानकारी दी जाती है। इन विषयों का चयन इस तरह से किया गया है कि दर्शक न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग को भी समझ सकें। यह शो सरकार के समग्र स्वास्थ्य और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है।
सुप्रभातम् का प्रसारण आमतौर पर सुबह होता है, ताकि दर्शक दिन की शुरुआत योग, ध्यान और प्रेरणादायक सामग्री के साथ कर सकें। हालांकि, डीडी न्यूज़ ने इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया है। दर्शक लाइव प्रसारण देख सकते हैं या डीडी न्यूज के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर हाल के एपिसोड देख सकते हैं। इसके अलावा, कई निजी डिजिटल नेटवर्क भी इसे प्रसारित करते हैं, जिससे इसकी पहुंच व्यापक दर्शक वर्ग तक हो सके।
प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन और उनके सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सुप्रभातम् कार्यक्रम की दर्शक संख्या में वृद्धि होगी। विशेष रूप से उन दर्शकों के बीच जो सांस्कृतिक आधार पर स्वास्थ्य-उन्मुख सामग्री की तलाश में हैं, इस शो की लोकप्रियता बढ़ने की संभावना है। पीएम मोदी के समर्थन से न केवल इसकी पहुंच बढ़ेगी, बल्कि यह दर्शकों में पारंपरिक ज्ञान और भारतीय जीवन शैली के प्रति रुचि भी जागृत करेगा।
सुप्रभातम् का मुख्य आकर्षण इसका भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण है। कार्यक्रम में सुभाषित और प्राचीन ग्रंथों के उद्धरण दर्शकों को प्रेरित करते हैं और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देते हैं। योग, ध्यान और आयुर्वेद पर आधारित टिप्स दर्शकों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में जीवन मूल्यों, नैतिकता और भारतीय परंपराओं पर चर्चा भी की जाती है, जो इसे अन्य सामान्य टॉक शो से अलग बनाती है।
सुप्रभातम् कार्यक्रम में एक विशेष हिस्से की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। यह है संस्कृत सुभाषित। इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति और विरासत को लेकर एक नई चेतना का संचार होता है। यह है आज का सुभाषित… pic.twitter.com/cuFYmWHQIh
— Narendra Modi (@narendramodi) December 8, 2025
सुप्रभातम् कार्यक्रम से यह स्पष्ट होता है कि टेलीविजन माध्यम के जरिये पारंपरिक ज्ञान और स्वास्थ्य-उन्मुख जीवनशैली को आम जनता तक पहुँचाया जा सकता है। यह शो भारतीय संस्कृति, योग, स्वास्थ्य और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे कार्यक्रम भारतीय जीवनशैली के महत्व को दर्शाते हैं और युवा पीढ़ी के बीच भी पारंपरिक ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करते हैं।
यह भी पढे़ – दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बिगड़ी, कई इलाकों में AQI 350 के पार
