साणंद से सिलिकॉन वैली तक नया ‘ब्रिज’: PM मोदी ने किया ₹3300 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, बोले- ‘ये भारत का दशक है’

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अहमदाबाद/साणंद: भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान साणंद में 3,300 करोड़ रुपये की लागत से बने Kaynes Semiconductor Plant का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी का भारत अब केवल बदलाव का गवाह नहीं बनेगा, बल्कि उस बदलाव का नेतृत्व करेगा।

साणंद बनेगा भारत का ‘चिप हब’

प्रधानमंत्री ने साणंद जीआईडीसी (GIDC) में स्थित इस ‘आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ (OSAT) सुविधा का रिबन काटकर लोकार्पण किया। यह देश का दूसरा बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट है, जो भारत के ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत स्थापित किया गया है।


PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
“आज साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच एक नया सेतु (Bridge) बन गया है। यह प्लांट केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है। हम ‘मेड इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं और बहुत जल्द दुनिया के हर गैजेट में ‘मेड इन इंडिया’ चिप लगी होगी।”

इस प्लांट की 5 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए:

  • विशाल निवेश: इस प्लांट पर कुल 3,300 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  • उत्पादन क्षमता: यह सुविधा पूरी तरह शुरू होने पर रोजाना 60 लाख चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम होगी।
  • ग्लोबल डिमांड: उद्घाटन के मौके पर पीएम ने बताया कि यहाँ बनने वाले ‘इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स’ की दुनिया भर में इतनी मांग है कि उत्पादन शुरू होने से पहले ही बड़े पैमाने पर ऑर्डर बुक हो चुके हैं।
  • तेज रफ्तार विकास: इस प्रोजेक्ट के लिए कैबिनेट की मंजूरी सितंबर 2024 में मिली थी और मात्र 14 महीनों में यह प्लांट उत्पादन के लिए तैयार हो गया।
  • आत्मनिर्भरता: यह प्लांट ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और औद्योगिक उपकरणों के लिए जरूरी चिप्स का निर्माण करेगा, जिससे विदेशों (विशेषकर चीन और ताइवान) पर निर्भरता कम होगी।

‘भारत अब रुका नहीं है, भारत अब दौड़ रहा है’

प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले फाइलें सालों तक दबी रहती थीं, लेकिन आज की सरकार 900 दिनों के भीतर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतार रही है। उन्होंने माइक्रोन (Micron) प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि विकसित देशों में भी जिस प्रक्रिया में सालों लग जाते हैं, भारत ने उसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया है।


पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन-2 के जरिए भारत अब हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने का संकल्प ले चुका है। उन्होंने कहा, “21वीं सदी तकनीक की है और जो तकनीक का नेतृत्व करेगा, वही दुनिया का नेतृत्व करेगा।”

सिर्फ चिप ही नहीं, संस्कृति का भी संगम

सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री गांधीनगर भी गए, जहाँ उन्होंने महावीर जयंती के अवसर पर ‘सम्राट संप्रति संग्रहालय’ का उद्घाटन किया। जैन धर्म की विरासत को संजोने वाले इस संग्रहालय के जरिए पीएम ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को भी दुनिया के सामने रखा।

आज का दिन क्यों है खास?

31 मार्च वित्त वर्ष का आखिरी दिन है और इसी दिन साणंद में इस प्लांट की शुरुआत होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े ‘बूस्टर डोज’ की तरह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्लांट के शुरू होने से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट 2029 तक 100 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है।

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