साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित तीन दिवसीय G20 लीडर्स समिट 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की कूटनीति, वैश्विक दृष्टि और विकास मॉडल को दुनिया के सामने दमदार तरीके से प्रस्तुत किया। पहले ही दिन से समिट का एजेंडा साफ था—इनक्लूसिव और सस्टेनेबल ग्रोथ, ग्लोबल साउथ की आवाज़, समानता आधारित विकास और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्थिर व शांतिपूर्ण विश्व व्यवस्था। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन सत्र में जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया विकास के पुराने पैमानों पर पुनर्विचार करे और ऐसी ग्रोथ को प्रोत्साहित करे जिसमें किसी को भी पीछे न छोड़ा जाए। समिट के शुरुआती सत्र “इनक्लूसिव एंड सस्टेनेबल इकनॉमिक ग्रोथ – किसी को पीछे न छोड़ना” में बोलते हुए पीएम मोदी ने भारत की सभ्यतागत मूल्यों—विशेषकर “इंटीग्रल ह्यूमनिज्म”—को आगे बढ़ने का मार्ग बताया और कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।

अफ्रीका द्वारा पहली बार G20 की मेजबानी को ऐतिहासिक करार देते हुए पीएम ने कहा कि वैश्विक नेतृत्व की कमान अब सचमुच बहुध्रुवीय विश्व के हाथों में है। भारत ने इस मंच पर चार नई पहल प्रस्तावित कर दुनिया को भविष्य का रोडमैप भी सौंप दिया, जिसमें ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम और ड्रग-टेरर नेक्सस के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की पहल शामिल है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी दुनिया की प्राचीन और स्थानीय ज्ञान परंपराओं को दस्तावेज़ित कर न सिर्फ संरक्षित करेगी बल्कि सस्टेनेबल जीवन शैली के मॉडल को नई पीढ़ियों तक पहुंचाएगी। अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव को प्रधानमंत्री ने अफ्रीका की प्रगति में गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि “ट्रेन-द-ट्रेनर्स” मॉडल के तहत अगले दशक में अफ्रीका में 10 लाख प्रशिक्षित ट्रेनर्स तैयार करने का लक्ष्य विश्व विकास में नई ऊर्जा भरने वाला कदम होगा। इसी तरह, ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम भविष्य की महामारी या स्वास्थ्य संकटों से निपटने के लिए G20 स्तर पर संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र तैयार करेगी, जबकि ड्रग-टेरर नेक्सस पर पीएम मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद और नशीले पदार्थों का गठजोड़ मानवता के लिए बड़ा खतरा है और इसे खत्म करने के लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
It was wonderful meeting Prime Minister Keir Starmer in Johannesburg. This year has brought new energy to the India–UK partnership and we will keep driving it forward across many domains.@10DowningStreet @Keir_Starmer pic.twitter.com/LzQk7QPnaS
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
समिट के इतर प्रधानमंत्री मोदी की कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातें हुईं। सबसे चर्चित मुलाकात ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ रही। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी स्पष्ट रूप से देखी गई और बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि “इस साल भारत–UK साझेदारी में नई ऊर्जा आई है और हम इसे कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।” समिट स्थल पर पहुंचने के साथ ही पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को गर्मजोशी से स्वागत और बेहतरीन आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात भी काफी महत्वपूर्ण रही, जिसमें वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और मानवीय सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई। पीएम मोदी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत देखने को मिली। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात के वीडियो को खूब सराहा जा रहा है।
A new trilateral technology and innovation partnership!
Had an excellent meeting with Mr. Anthony Albanese, PM of Australia and Mr. Mark Carney, PM of Canada on the sidelines of the G20 Summit in Johannesburg. We are delighted to announce an Australia-Canada-India Technology and… pic.twitter.com/Qa5lSvlIb2
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
जोहान्सबर्ग समिट का पहला सत्र पूरी तरह वैश्विक समानता और विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहा। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनकर काम करता रहेगा और दुनिया का विकास तभी संभव है जब अफ्रीका जैसे क्षेत्रों को बराबरी का मौका मिले। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास की नई दिशा अब अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और छोटे द्वीपीय देशों को केंद्र में रखकर तय करनी होगी। भारत की प्रस्तावित चारों पहलें इसी दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी भारत के प्रस्तावों की सराहना की है और कहा है कि भारत न सिर्फ समाधान पेश कर रहा है बल्कि वैश्विक नेतृत्व की नई शैली—साझा प्रयास और साझा परिणाम—को आकार दे रहा है।
तीन दिवसीय समिट में पीएम मोदी की सक्रिय भूमिका, मजबूत कूटनीति और वैश्विक एजेंडा पर भारत की निर्णायक उपस्थिति ने यह एक बार फिर साबित कर दिया कि आज भारत न सिर्फ विश्व राजनीति का अहम हिस्सा है बल्कि 21वीं सदी के वैश्विक नेतृत्व में अपनी भूमिका मजबूत कर चुका है। G20 मंच पर भारत की आवाज़ विश्वसनीय, संतुलित और भविष्यगामी मानी जा रही है। दक्षिण अफ्रीका में यह समिट भारत की पहल, साझेदारियों और वैश्विक दृष्टि को और सशक्त करती नजर आई है।







