National Constitution Day: ‘संविधान की शक्ति ने साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया’, पीएम मोदी का संविधान दिवस पर भावुक पत्र

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प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान दिवस पर देशवासियों को संबोधित करते हुए संविधान की शक्ति और महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान साधारण व्यक्ति को भी सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर देता है। अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने लोकतंत्र के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से मतदान के अधिकार का सम्मान करने और लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की। पीएम ने नागरिक कर्तव्यों को देश की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।

हर साल 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस ( Constitution Day ) मनाया जाता है। यह दिन केवल एक तिथि भर नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। इसी विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक विस्तृत और भावुक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, संविधान की शक्ति, लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों और भारत के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश साझा किए।

पीएम मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत संविधान के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि 2015 में उनकी सरकार ने 26 नवंबर को औपचारिक रूप से संविधान दिवस घोषित किया, ताकि देशवासियों में संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़े।

संविधान ने एक साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाया : प्रधानमंत्री मोदी

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय संविधान ने उन्हें, ‘एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले व्यक्ति को लगातार 24 वर्षों तक सरकार का नेतृत्व करने का अवसर दिया।’

उन्होंने याद किया कि 2014 में पहली बार संसद भवन में प्रवेश करते समय उन्होंने लोकतंत्र के “सबसे बड़े मंदिर” की सीढ़ियों को छूकर नमन किया था। 2019 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने संविधान को सिर से लगाकर सम्मान व्यक्त किया।

उनके शब्दों में, “यह हमारे संविधान की ही ताकत है जिसने साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की शक्ति दी है।”

संविधान निर्माताओं को नमन

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा की महिला सदस्यों को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भारत के संविधान का निर्माण किया, वे अपने समय से कहीं आगे सोचने वाले महान लोग थे।
संविधान की 60वीं वर्षगांठ पर उनकी “संविधान गौरव यात्रा” का उल्लेख भी उन्होंने किया, जिसमें संविधान की प्रतिकृति को हाथी पर रखकर जन-जागरण अभियान चलाया गया था।

प्रधानमंत्री का देश के यूवाओं को संदेश

पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत नागरिकों की भागीदारी है। उन्होंने युवाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि 18 वर्ष के होने वाले युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकार कर्तव्यों के पालन से उत्पन्न होते हैं। इसलिए नागरिकों को अपने कर्तव्यों का पालन जीवन का स्वभाव बना लेना चाहिए। युवा मतदाताओं के लिए पीएम मोदी ने दिया कि मतदान को कभी न छोड़ें, लोकतंत्र की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनें, मतदान को अपना कर्तव्य और सम्मान समझें…..उन्होंने कहा कि युवाओं में यदि यह भाव जागृत हो जाए, तो लोकतंत्र और भी मजबूत होगा और भविष्य सुरक्षित होगा।

पीएम मोदी ने इस वर्ष संविधान दिवस की विशेषताएं बताई

पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का संविधान दिवस खास और महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह और श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत की सालगिरह के साथ मेल खाता है। कर्तव्य की भावना का जो संदेश दिया है, वह आज भी भारत के नागरिकों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की प्रेरणा से ही सरकार ने जम्मू–कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का साहसिक निर्णय लिया, जिसके बाद वहां भारतीय संविधान पूरी तरह लागू हो गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान के आर्टिकल 51A का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अनुच्छेद नागरिकों को उनके मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि “हमारे हर कार्य में देशहित होना चाहिए। जब हम कर्तव्य भावना से काम करते हैं, तो सामाजिक और आर्थिक प्रगति कई गुना बढ़ जाती है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सदी तेजी से आगे बढ़ रही है। 2047 तक भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा और 2049 में संविधान के 100 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगे। इसलिए हर नागरिक को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान देना होगा।

अंत में राष्ट्र के नाम भावुक आह्वान

पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से संविधान दिवस पर अपने कर्तव्यों का संकल्प दोहराने की अपील की। उन्होंने कहा, “आइए, हम सब मिलकर अपने महान देश के कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनें और एक मजबूत व विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

यह भी पढ़े – राम मंदिर ध्वजारोहण: PM Modi का ऐतिहासिक संदेश और धर्म ध्वजा का महत्व

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