छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का जारी तीन दिवसीय सम्मेलन अपने 60वें संस्करण में है। ( PM )पीएम नरेन्द्र मोदी आज और कल इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जबकि उद्घाटन कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया।

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा नीति को दिशा देने वाला एक मजबूत मंच है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने कट्टरपंथ, उग्रवाद, विद्रोह और नशीले पदार्थों के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल की है, जिसका श्रेय देश की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की निरंतरता, साहस और पेशेवर दक्षता को जाता है। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति लगातार संवेदनशील है और पुलिस बलों को तकनीक, संसाधन और आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है।
इस वर्ष सम्मेलन का विषय है— ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’। बदलती वैश्विक परिस्थितियों और नए तकनीकी जोखिमों को देखते हुए यह विषय समयानुकूल माना जा रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि खुफिया तंत्र की सटीकता, उद्देश्यों की स्पष्टता और कार्रवाई में बेहतर समन्वय आधुनिक सुरक्षा ढांचे की रीढ़ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन में हुई चर्चाएं ‘विकसित भारत’ के सुरक्षा संबंधी रोडमैप को मजबूत आधार देंगी।
#JUSTIN | प्रधानमंत्री @narendramodi आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस महानिदेशकों (DGP) और महानिरीक्षकों (IG) के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे।
‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ थीम पर वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा, फोरेंसिक… pic.twitter.com/fl2RfmWx5w
— PB-SHABD (@PBSHABD) November 29, 2025
सम्मेलन में महिला सुरक्षा, आतंकवाद-निरोधक रणनीतियाँ, वामपंथी उग्रवाद, सीमावर्ती चुनौतियाँ, आपदा प्रबंधन, साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और पुलिस सेवाओं में फोरेंसिक विज्ञान व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मंथन किया जा रहा है। खासतौर पर एआई और आधुनिक फोरेंसिक तकनीक को पुलिसिंग में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि अपराधों की जांच अधिक तेज़, वैज्ञानिक और सटीक हो सके।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर देश के तीन सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक और ट्रॉफी प्रदान कीं। यह पहल पुलिसिंग के जमीनी ढांचे को प्रेरित करने और थानों की कार्यशैली में प्रतिस्पर्धी सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जाती है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे, जो पुलिस अधिकारियों के विशिष्ट और उत्कृष्ट कार्य के सम्मान का सर्वोच्च प्रतीक है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इन शीर्ष स्तर के सुरक्षा विशेषज्ञों की मौजूदगी इस सम्मेलन को और अधिक प्रभावी बनाती है, क्योंकि निर्णय लेने और नीति निर्धारण से जुड़े सभी प्रमुख स्तंभ एक ही मंच पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
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