मास्टर स्ट्रोक: ₹8.8 लाख करोड़ के 6 बड़े फैसलों से बदलेगी देश की सूरत; नरेन्द्र मोदी कैबिनेट का इंफ्रास्ट्रक्चर पर महा-निवेश

मोदी कैबिनेट का ₹8.8 लाख करोड़ का महा-प्लान

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत के भविष्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर अब तक के सबसे बड़े फैसलों में से एक को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि कैबिनेट ने कुल 6 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹8.8 लाख करोड़ है।

इन फैसलों का सीधा असर देश की कनेक्टिविटी, जल सुरक्षा, रेलवे की रफ्तार और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य PM Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

1. जल जीवन मिशन 2.0: हर घर प्यास बुझाने का दूसरा चरण

कैबिनेट का सबसे बड़ा और मानवीय फैसला जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर है। पहले चरण की अपार सफलता के बाद, अब सरकार उन शेष ग्रामीण इलाकों पर ध्यान केंद्रित करेगी जहाँ पाइप से पानी पहुँचना बाकी है।

  • उद्देश्य: हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना।

  • प्रभाव: जल जनित बीमारियों में कमी और ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार।

2. मदुरै एयरपोर्ट: अब दुनिया से सीधा जुड़ेगा ‘मंदिरों का शहर’

तमिलनाडु के ऐतिहासिक मदुरै एयरपोर्ट को अब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दे दिया गया है।

  • फायदा: मीनाक्षी मंदिर आने वाले विदेशी पर्यटकों को अब चेन्नई या बेंगलुरु पर निर्भर नहीं रहना होगा।

  • आर्थिक असर: दक्षिण भारत में पर्यटन और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।

3. रेलवे का ‘फोर्थ गियर’: ₹4,474 करोड़ की दो बड़ी लाइनें

रेलवे नेटवर्क की भीड़भाड़ कम करने के लिए दो महत्वपूर्ण चौथी लाइन (Fourth Line) परियोजनाओं को मंजूरी मिली है:

  1. सैंथिया-पाकुड़: पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच।

  2. संतरागाछी-खड़गपुर: हावड़ा-मुंबई रूट की मुख्य कड़ी।

  • क्षमता: सालाना 31 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई।

  • पर्यावरण: 28 करोड़ किलो कार्बन उत्सर्जन की बचत (1 करोड़ पेड़ों के बराबर)।

4. मध्य प्रदेश: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा उज्जैन

एमपी के धार और झाबुआ जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए NH-752D पर नया फोर-लेन हाईवे बनेगा।

  • लागत: ₹3,839.42 करोड़ (80.45 किमी)।

  • कनेक्टिविटी: यह मार्ग उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 1 घंटा कम हो जाएगा।

5. जेवर एयरपोर्ट: दिल्ली-NCR के लिए हाई-स्पीड गलियारा

नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की उपयोगिता बढ़ाने के लिए इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है।

  • लागत: ₹3,630.77 करोड़ (31.42 किमी)।

  • रूट: दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लोग सीधे जेवर एयरपोर्ट पहुँच सकेंगे। इसका 11 किमी हिस्सा एलिवेटेड (हवा में) होगा।

क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव?

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि ये परियोजनाएं केवल ईंट और पत्थर के ढांचे नहीं हैं, बल्कि ये ‘विकसित भारत’ की नींव हैं। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से तेल आयात में भारी कमी आएगी और रसद (Logistics) की लागत घटने से भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

“आज के फैसले देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर ले जाने और आम नागरिक की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।” — अश्विनी वैष्णव

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