आसान और तेज हुआ PF रजिस्ट्रेशन, केंद्र सरकार ने शुरू की Employee Enrollment Scheme 2025

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केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) रजिस्ट्रेशन को आसान और तेज़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को नई Employee Enrollment Scheme 2025 की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन कर्मचारियों को ईपीएफओ (EPFO) के दायरे में लाना है, जो अब तक इस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर थे। मंत्रालय ने बताया कि योजना 1 नवंबर 2025 से लागू हो गई है और यह 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इस दौरान नियोक्ता अपने कर्मचारियों को ईपीएफओ में शामिल कर सकते हैं और पुराने अंशदान को नियमित कर सकते हैं।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर किसी नियोक्ता ने पहले कर्मचारी के वेतन से ईपीएफ का हिस्सा नहीं काटा है, तो अब उसे केवल अपने हिस्से का योगदान, ब्याज और प्रशासनिक शुल्क के साथ ₹100 का प्रतीकात्मक जुर्माना भरना होगा। कर्मचारी के हिस्से का योगदान पहले से न काटे जाने पर माफ कर दिया गया है। यह कदम न केवल नियोक्ताओं के लिए आसान है बल्कि स्वैच्छिक अनुपालन को भी बढ़ावा देगा। श्रम मंत्रालय का कहना है कि यह पहल औपचारिककरण और व्यवसाय करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने बताया कि जल्द ही EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जो कामकाज को और तेज़, पारदर्शी और सुलभ बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली में सरल निकासी (withdrawal) प्रक्रिया, विश्वास योजना और डिजिटल सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए अनुपालन आसान होगा और ईपीएफओ के प्रति भरोसा और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सुधार का असर सीधे मजदूरों की जिंदगी में दिखना चाहिए, और इसे सरल भाषा और साफ व्यवस्था में लागू करना सरकार की प्राथमिकता है।

ईपीएफओ ने पहले ही कई डिजिटल सुविधाएं शुरू कर दी हैं, जैसे सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम, आधार एवं फेस ऑथेंटिकेशन, और अपडेटेड इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) सिस्टम। इन नई सेवाओं से 7 करोड़ से अधिक ग्राहकों को तेज, डिजिटल और सुगम सेवा मिल सकेगी। श्रम सचिव वंदना गुर्नानी ने बताया कि ईपीएफओ प्रधानमंत्री की विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभा रहा है। यह योजना देश में 3.5 करोड़ नई नौकरियों को बढ़ावा देने और औपचारिक रोजगार को सुदृढ़ करने में मदद करेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ उन प्रतिष्ठानों को भी मिलेगा जो पहले जांच के दायरे में थे, जैसे धारा 7A, पैरा 26B या EPS-1995 के तहत। इन पर केवल ₹100 का सांकेतिक जुर्माना लगेगा और ईपीएफओ किसी सुओ-मोटो कार्रवाई का पालन नहीं करेगा। इसका उद्देश्य नियोक्ताओं को पुरानी गड़बड़ियों को सुधारने का अवसर देना है और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में कार्यबल के औपचारिककरण और सामाजिक सुरक्षा के सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा।

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