नई दिल्ली। भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनी Paytm (One97 Communications Ltd) ने सितंबर 2025 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए अपने बिजनेस ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी में मजबूत सुधार की जानकारी दी है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल-दर-साल 24% बढ़कर 2,061 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 21 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़े Paytm के लिए मुनाफे की दिशा में स्थायी सुधार का संकेत देते हैं। इस तिमाही में रेवेन्यू में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण था — मर्चेंट सब्सक्रिप्शन में बढ़ोतरी, पेमेंट ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में तेज उछाल और कंपनी के फाइनेंशियल-सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में मजबूत प्रदर्शन।
Paytm का कंट्रीब्यूशन प्रॉफिट 35% बढ़कर 1,207 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिससे कंट्रीब्यूशन मार्जिन 59% हो गया — जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 5% अधिक है। ऑपरेटिंग लेवरेज और खर्चों पर अनुशासन के चलते कंपनी का EBITDA 142 करोड़ रुपये (रेवेन्यू का 7%) रहा। हालांकि, अपने जॉइंट वेंचर First Games Technology Pvt Ltd को दिए गए लोन पर 190 करोड़ रुपये के एकमुश्त इंपेयरमेंट चार्ज के कारण Paytm का टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) घटकर 21 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह चार्ज सरकार के Online Gaming Act, 2025 के लागू होने के बाद लगाया गया था, जिसने इस सेगमेंट के संचालन पर रोक लगा दी थी।
सितंबर 2025 के अंत तक Paytm के पास 13,068 करोड़ रुपये की नकद और नकद समकक्ष संपत्ति थी, जिसमें कस्टमर और मर्चेंट एस्क्रो फंड को छोड़कर 3,605 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी शामिल थी। कंपनी ने कहा कि उसकी पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज दोनों ही ग्रोथ के प्रमुख स्तंभ बने हुए हैं।
Paytm की पेमेंट सर्विसेज से रेवेन्यू साल-दर-साल 25% बढ़कर 1,223 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट पेमेंट रेवेन्यू 28% उछलकर 594 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस ग्रोथ का श्रेय बेहतर प्रोसेसिंग मार्जिन, क्रेडिट-कार्ड-ऑन-UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी और मर्चेंट डिवाइस सब्सक्रिप्शन बेस के विस्तार को दिया गया है। कंपनी का GMV 27% बढ़कर 5.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। Paytm के पास अब 1.37 करोड़ सक्रिय मर्चेंट डिवाइस सब्सक्रिप्शन हैं, जो पिछले साल की तुलना में 25 लाख ज्यादा हैं। Paytm ने बताया कि पुराने, निष्क्रिय डिवाइस को रिफर्बिश कर दोबारा डिप्लॉय करने की रणनीति ने पूंजीगत खर्च घटाने और दक्षता बढ़ाने में मदद की है।
कंपनी का फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन रेवेन्यू 63% बढ़कर 611 करोड़ रुपये हो गया, जो मर्चेंट लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर कलेक्शन परफॉर्मेंस से प्रेरित था। मर्चेंट लोन ग्राहक संख्या 6 लाख से बढ़कर 6.5 लाख हो गई, जिनमें आधे से अधिक रीपीट बॉरोअर्स थे। Paytm ने बताया कि उसके AI-आधारित प्रेडिक्टिव मॉडल ने एसेट क्वालिटी में सुधार और डिफॉल्ट घटाने में अहम भूमिका निभाई।
Paytm ने हाल ही में अपना Paytm Postpaid प्रोडक्ट फिर से लॉन्च किया है, जो पार्टनर बैंक के ज़रिए दी जाने वाली ‘अभी खर्च करें, बाद में भुगतान करें’ सुविधा है। फिलहाल इसे चुनिंदा ग्राहकों के लिए शुरू किया गया है और कंपनी जल्द इसे बड़े पैमाने पर रोलआउट करने की तैयारी में है।
फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ-साथ कंपनी ने अपने ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर भी ध्यान केंद्रित किया है। ESOP कॉस्ट सहित इनडायरेक्ट खर्च 18% घटकर 1,064 करोड़ रुपये रह गए हैं, जबकि मार्केटिंग कॉस्ट 42% घटकर 72 करोड़ रुपये रही है। वहीं, सेल्स कर्मचारी खर्च 38% बढ़कर 297 करोड़ रुपये हुआ है क्योंकि कंपनी ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
कंपनी का सॉफ्टवेयर, क्लाउड और डेटा-सेंटर खर्च 16% घटकर 133 करोड़ रुपये रहा, जबकि रिफर्बिश डिवाइस स्ट्रेटेजी के चलते डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन 23% घटकर 137 करोड़ रुपये हो गया। मार्केटिंग-सर्विसेज से रेवेन्यू 15% घटकर 228 करोड़ रुपये रहा, जिसका कारण एंटरटेनमेंट टिकटिंग बिजनेस की बिक्री और ऐप-बेस्ड विज्ञापन में गिरावट बताया गया है।
Paytm का कहना है कि AI-आधारित पर्सनलाइजेशन और ऐप ऑप्टिमाइजेशन यूज़र अनुभव और रिटेंशन में सुधार कर रहे हैं, जिससे लंबे समय में मोनेटाइजेशन और प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूती मिलेगी। कंपनी के अनुसार, अगले कुछ तिमाहियों में लोन डिस्बर्समेंट और सब्सक्रिप्शन डिवाइस ग्रोथ दोनों में और तेजी की उम्मीद है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में Paytm की भूमिका लगातार बढ़ रही है, और यह रिपोर्ट कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार का संकेत देती है। मुनाफे की दिशा में यह कदम Paytm के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जो न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय फिनटेक सेक्टर में उसकी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करेगा।







