Parliament Winter Session 2025 : संसद का शीतकालीन सत्र 2025 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक का मकसद सत्र के सुचारू संचालन के लिए सहयोग प्राप्त करना था, लेकिन विपक्ष ने अपनी चिंताओं और एजेंडे के मुद्दों को भी सामने रखा।
सर्वदलीय बैठक में उठाए गए मुख्य मुद्दे
संसद भवन में हुई इस बैठक में विपक्ष ने कई संवेदनशील मुद्दों को सरकार के सामने रखा। प्रमुख मुद्दे थे:
1. दिल्ली धमाके पर बहस- उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का संकेत है.
2. लोकतांत्रिक सुरक्षा- मतदाता सूची, चुनाव सुरक्षा और SIR प्रक्रिया की समीक्षा.
3. स्वास्थ्य सुरक्षा- देशभर में बढ़ते प्रदूषण पर आपात चर्चा.
4. आर्थिक सुरक्षा- महंगाई और रोजगार पर विस्तृत बहस.
5. प्राकृतिक सुरक्षा- जलवायु संकट को लेकर चर्चा की मांग.
6. विदेश नीति- विपक्ष का आरोप है कि भारत अपनी विदेश नीति दूसरे देशों की शर्तों पर चला रहा है.
सरकार ने बैठक में अपनी प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करते हुए सभी दलों से सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की।
15 बैठकों का सत्र ? विपक्ष का सवाल
सामान्यतः शीतकालीन सत्र में लगभग 20 बैठकें होती हैं, लेकिन इस बार यह केवल 15 कार्य दिवसों के लिए निर्धारित किया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार सत्र को छोटा रखकर संसद की प्रक्रिया को बाधित करना चाहती है। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “कुल 19 दिन के सत्र में केवल 15 दिन चर्चा संभव है। ऐसा लगता है कि सरकार जानबूझकर संसद की परंपराओं को दफना रही है।”
मंत्री रिजिजू ने की शांतिपूर्ण चर्चा की अपील
बैठक से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के नेताओं से कहा, “सर्दियों का मौसम है, उम्मीद है सभी ठंडे दिमाग से काम करेंगे। बहस हो, लेकिन व्यवधान नहीं। शांतिपूर्ण माहौल देश और संसद के लिए लाभकारी होगा।
विपक्ष की छह प्रमुख मांगें
विपक्ष ने इस सत्र में चर्चा के लिए छह मुख्य क्षेत्र चिन्हित किए हैं:
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दिल्ली धमाके पर बहस – सुरक्षा एजेंसियों की विफलताओं की जांच
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लोकतांत्रिक सुरक्षा – मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया की समीक्षा
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स्वास्थ्य सुरक्षा – बढ़ते प्रदूषण पर आपातकालीन चर्चा
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आर्थिक सुरक्षा – महंगाई और रोजगार पर विस्तृत बहस
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प्राकृतिक सुरक्षा – जलवायु संकट और पर्यावरण संरक्षण
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विदेश नीति – भारत की विदेश नीति पर स्वतंत्र चर्चा
सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले 14 बड़े बिल
संसद में इस शीतकालीन सत्र में 14 महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। प्रमुख बिल इस प्रकार हैं:
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जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025
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इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC)
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मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025
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रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025
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नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025
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एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025
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कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025
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सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025
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इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025
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आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025
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हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025
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सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025
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हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025
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वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें (फाइनेंशियल बिजनेस)
ये बिल आर्थिक सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ऑल पार्टी मीटिंग में शामिल प्रमुख नेता
सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता जे.पी. नड्डा भी शामिल हुए।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस के जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, गौरव गोगोई बैठक में शामिल हुए। DMK के टी.आर. बालू, टी. सिवा, TMC के डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी, IUML के ई.टी. मोहम्मद बशीर, AAP के सुशील गुप्ता, RJD के मनोज झा, BJD के सस्मित पात्रा, YSRCP से मिधुन रेड्डी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, AIADMK से थम्बीदुरई, BAP के राजकुमार रोत बैठक में शामिल हुए।
इसके अलावा शिवसेना (UBT) से मिलिंद देवड़ा, JDU के संजय झा, अकाली दल से हरसिमरत कौर, कमल हासन, CPI(M) जॉन ब्रिटास और राजकुमार शावाग आदि के वरिष्ठ नेता बैठक में उपस्थित रहे।
साथ ही, संसद के दोनों सदनों की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक भी 1 दिसंबर से पहले आयोजित की जाएगी।
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