दिल्ली में आयोजित परीक्षा पे चर्चा (PPC) के 9वें संस्करण के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। यह वार्षिक कार्यक्रम मुख्य रूप से परीक्षा के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित रहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की यात्रा का एक छोटा सा पड़ाव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2018 में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस वर्ष की बातचीत में पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल दुनिया और बदलते समय में पढ़ाई के तरीकों पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में असली लक्ष्य परीक्षा नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया और आत्मविकास है।
AI के दौर में पढ़ाई पर कैसे रखें फोकस
कार्यक्रम के दौरान एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल—“AI के दौर में पढ़ाई पर ध्यान कैसे लगाएं?”—पर प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद सरल और व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे अपना दोस्त बनाना चाहिए। हमें हमेशा ह्यूमन इंटेलिजेंस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऊपर रखना होगा। AI एक बेहतरीन टूल है, लेकिन यह आपके विकल्प का स्थान नहीं ले सकता। डेटा और सोचने की क्षमता आपके पास है, AI तो केवल उसे प्रोसेस करने का माध्यम है।
AI का सही इस्तेमाल जरूरी
पीएम मोदी ने छात्रों को यह भी समझाया कि AI का सही उपयोग पढ़ाई को आसान बना सकता है। उन्होंने कहा कि आज के छात्रों के पास AI जैसी सुविधा है, जो उनके समय में उपलब्ध नहीं थी। अब एक ही प्रॉम्प्ट में किसी विषय या किताब की जानकारी हासिल की जा सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल होमवर्क की नकल के लिए नहीं, बल्कि कठिन विषयों को समझने और अपनी समझ को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए।
गेमिंग में रुचि है तो क्या करें
परीक्षा पे चर्चा 2026 के दौरान गेमिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी शौक को प्रैक्टिकल रूप देने के लिए अपनी बनाई चीजों को लोगों के साथ साझा करना जरूरी है। फीडबैक से नए विचार जन्म लेते हैं और सफलता की राह खुलती है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर गेमिंग में रुचि है तो चुपचाप मेहनत करते रहें। जब सफलता मिलेगी, तब वही परिवार और समाज गर्व करेगा।
पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि सिर्फ गेम खेलने के बजाय गेम बनाने की दिशा में भी काम करें। उन्होंने पंचतंत्र, हनुमान जी की कथाएं, अभिमन्यु और भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित गेम बनाने का उदाहरण दिया। साथ ही उन्होंने छात्रों को सट्टेबाजी और गलत आदतों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह भी दी।
क्या है परीक्षा पे चर्चा
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में की थी। इसकी पहली कड़ी नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित हुई थी। समय के साथ यह कार्यक्रम देश के कई राज्यों तक फैल चुका है। इस वर्ष PPC 2026 के लिए करीब 6.76 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें 4.5 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हैं।
यह कार्यक्रम दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया, प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और MyGov प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकता है। इसके अलावा फेसबुक और ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से भी इसे देखा और सुना जा सकता है।
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