पूर्वोत्तर रेलवे महाप्रबंधक उदय बोरवणकर का संदेश

महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा, “राष्ट्रीय एकता हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है। हमें जाति, धर्म, भाषा या प्रांत के भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि इस वाकाथन के माध्यम से पूर्वोत्तर रेलवे समाज को यह संदेश देना चाहता है कि राष्ट्रीय एकता सर्वोपरी है और इसे बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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पूर्वोत्तर रेलवे का उत्साहपूर्ण सहभागिता

इस वॉकथान में पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, खेल अधिकारी, महिला कर्मचारी एवं खेल अकादमी के खिलाड़ी शामिल हुए। सभी ने एकता के नारों और बैनरों के साथ मार्च किया। कार्यक्रम में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश प्रमुखता से दिया गया। प्रतिभागियों ने रैलियों और पोस्टरों के माध्यम से समाज में एकता और सौहार्द का संदेश फैलाने का प्रयास किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस और उसका महत्व
हर वर्ष 31 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को एक अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया था। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम उनके योगदान को नमन करने और उनकी प्रेरणा से राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल थी।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत अनेक गतिविधियाँ
पूर्वोत्तर रेलवे में इस समय सतर्कता जागरूकता सप्ताह भी मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के अंतर्गत पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही की भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला की एक कड़ी था, जिसमें एकता, नैतिकता और सामाजिक समरसता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
- महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने एकता की शपथ दिलाई।
- वॉकथान में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और खिलाड़ी शामिल हुए।
- प्रतिभागियों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के नारे लगाए।
- कार्यक्रम का आयोजन सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत किया गया।
- रेलवे प्रशासन ने राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
पूर्वोत्तर रेलवे की सामाजिक पहल
पूर्वोत्तर रेलवे न केवल परिवहन और सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से रेलवे प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि उसके कर्मचारी केवल कार्यक्षेत्र में ही नहीं, बल्कि समाज में भी एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
रिपोर्ट – राजीव पांडेय


