Noida: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला दिन-ब-दिन तूल पकड़ता जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे राज्य में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
घटना के बाद बढ़ते जनाक्रोश और लापरवाही के आरोपों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम. को तत्काल पद से हटा दिया गया है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
तीन सदस्यीय SIT गठित
हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT का नेतृत्व मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर कर रहे हैं। टीम में मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा को भी शामिल किया गया है।
SIT को पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है और (Noida) नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की है। इसके बाद SIT घटनास्थल का निरीक्षण करने भी पहुंची, जहां बेसमेंट में सुरक्षा इंतजामों और निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप, पहले भी की गई थीं शिकायतें
युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता ने बेटे की मौत के लिए सीधे तौर पर नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) और संबंधित विभागों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर खुदाई की गई थी, वहां न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोसाइटी के लोगों ने पहले भी कई बार निर्माण स्थल की खतरनाक स्थिति को लेकर शिकायतें दी थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी।
बिल्डरों पर कार्रवाई, गिरफ्तारी
Noida मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान भूमिका सामने आने के बाद एमजेड विश्टाउन के मालिक बिल्डर अभय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। FIR में एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन नामक दो बिल्डरों को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरे उत्तर प्रदेश में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए प्राधिकरण, दमकल विभाग, पुलिस और SDRF सहित सभी संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार का कहना है कि अब निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण अनिवार्य होगा।
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