आज Navratri का तीसरा दिन है और चारों तरफ भक्ति का माहौल है। हम में से बहुत से लोग इन नौ दिनों में मां दुर्गा की उपासना के साथ व्रत भी रखते हैं। व्रत रखने का मकसद शरीर और मन की शुद्धि होता है, लेकिन अक्सर देखा गया है कि व्रत के दौरान हमारा खान-पान इतना भारी हो जाता है कि शुद्धिकरण की जगह शरीर पर बोझ बढ़ने लगता है।
आमतौर पर Navratri में लोग डीप फ्राइड आलू, साबूदाना वड़े, ढेर सारी मूंगफली और बाजार की मिठाइयां खाना पसंद करते हैं। ये चीजें स्वाद में तो बहुत अच्छी लगती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत के लिए ‘कैलोरी बम’ साबित हो सकती हैं? आज ‘जरूरत की खबर’ में हम इसी मुद्दे पर बात करेंगे कि कैसे आप अपने व्रत को सेहतमंद बना सकते हैं।
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व्रत की थाली में छिपी कैलोरी का सच
अक्सर लोग सोचते हैं कि दिन भर कुछ न खाकर शाम को एक बार कुट्टू की पूड़ी या साबूदाना वड़ा खाने से वजन कम होगा, पर हकीकत इसके उलट है। Navratri की पारंपरिक थाली में ज्यादातर साबूदाना और आलू जैसी चीजें होती हैं, जो स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती हैं। जब हम इन चीजों को घी या तेल में डीप फ्राई करते हैं, तो इनका फैट कंटेंट बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, व्रत के नाम पर हम जो मीठे शरबत या मिठाइयां खाते हैं, वे शरीर में शुगर की मात्रा को अचानक बढ़ा देती हैं। यही कारण है कि व्रत के बावजूद कई लोगों को थकान, भारीपन और सुस्ती महसूस होती है।
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डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए चेतावनी
अगर आप डायबिटीज या मोटापे की समस्या से परेशान हैं, तो आपको Navratri के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। व्रत में खाए जाने वाले साबूदाना और आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है, जिसका मतलब है कि इन्हें खाते ही आपका ब्लड शुगर लेवल तेजी से ऊपर भाग सकता है। वहीं, तली-भुनी चीजों से मिलने वाली एक्स्ट्रा कैलोरी शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगती है। हाई कार्ब और लो प्रोटीन डाइट की वजह से बार-बार भूख लगती है, जिससे लोग ओवरईटिंग कर बैठते हैं। यह स्थिति हार्ट पेशेंट्स और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए भी जोखिम भरी हो सकती है।
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अपनी थाली को कैसे बनाएं बैलेंस्ड और लो-कैलोरी
व्रत का मतलब भूखा रहना या सिर्फ तल कर खाना नहीं है। आप अपनी Navratri थाली को बहुत आसानी से हेल्दी बना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ‘डीप फ्राई’ को अपनी रसोई से बाहर कर दें। पूड़ी या वड़े की जगह आप कुट्टू के आटे की रोटी या चीला बना सकते हैं। आलू को तलने के बजाय उबालकर या हल्का सॉते (Sauté) करके खाएं। अपनी थाली में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए पनीर, दही और सीमित मात्रा में भुनी हुई मूंगफली शामिल करें। फाइबर के लिए खीरा, टमाटर और फलों का सलाद जरूर लें। इससे आपका पेट ज्यादा देर तक भरा रहेगा और आप एक्स्ट्रा कैलोरी लेने से बच जाएंगे।
कुकिंग के स्मार्ट तरीके जो बदल देंगे स्वाद
सेहतमंद रहने का मतलब बेस्वाद खाना बिल्कुल नहीं है। आप कुकिंग के कुछ अलग तरीके अपनाकर Navratri के खाने को मजेदार बना सकते हैं। उबालना (Boiling) सबसे सरल तरीका है, जिससे कैलोरी नहीं बढ़ती। वहीं, मूंगफली या मखाने को रोस्ट (Roasting) करने से वे क्रिस्पी भी हो जाते हैं और हेल्दी भी रहते हैं। स्टीमिंग (Steaming) के जरिए आप कद्दू या लौकी की डिश बना सकते हैं, जिससे उनके पोषक तत्व बरकरार रहते हैं। अगर आप थोड़ा और एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं, तो ग्रिलिंग या बेकिंग का इस्तेमाल करें। कम तेल में पकाने यानी सॉते करने से स्वाद और सेहत का संतुलन बना रहता है।
बार-बार लगने वाली भूख और ओवरईटिंग पर लगाम
व्रत के दौरान कई लोगों को शिकायत होती है कि उन्हें सामान्य दिनों से ज्यादा भूख लग रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि हमारे व्रत के खाने में फाइबर और प्रोटीन की कमी होती है। जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर में ‘घ्रेलिन’ नाम का हंगर हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे हम एक बार में बहुत ज्यादा खा लेते हैं। Navratri में ओवरईटिंग से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप छोटे-छोटे पोर्शन में कई बार खाएं। हर दो-तीन घंटे में एक फल या मुट्ठी भर सूखे मेवे लेने से मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है और अचानक तेज भूख नहीं लगती।
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हाइड्रेशन है सबसे जरूरी
अक्सर लोग व्रत में पानी पीना कम कर देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कई बार जिसे हम भूख समझते हैं, वह असल में प्यास होती है। अगर आप खुद को हाइड्रेटेड रखेंगे, तो आपको ‘झूठी भूख’ कम लगेगी। सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है, क्योंकि व्रत में शरीर से सोडियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो सकते हैं। इसलिए Navratri के दौरान नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन जरूर करें। ये नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स आपके शरीर का फ्लूइड बैलेंस बनाए रखते हैं और आपको सुस्ती महसूस नहीं होने देते।
किन लोगों को रहना चाहिए सबसे ज्यादा सावधान
डॉक्टर्स की सलाह है कि कुछ खास श्रेणी के लोगों को व्रत की फ्राइड डाइट से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है, या आप पीसीओएस (PCOS), मेटाबॉलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, तो बहुत ज्यादा घी-तेल वाला खाना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से बहुत कम एक्टिव रहते हैं, उन्हें भी हाई-कार्ब डाइट से बचना चाहिए। नवरात्रि का व्रत आपके शरीर को हील (Heal) करने के लिए होना चाहिए, न कि बीमारियों को दावत देने के लिए।
नवरात्रि का यह पावन पर्व भक्ति के साथ-साथ अपनी सेहत सुधारने का भी एक बेहतरीन मौका है। अगर हम अपनी थाली में थोड़े से बदलाव करें—जैसे तली चीजों की जगह उबली या भुनी चीजें लें, शुगर की जगह फलों का चुनाव करें और भरपूर पानी पिएं—तो हम न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी ऊर्जावान महसूस करेंगे। याद रखिए, संयम ही व्रत का असली आधार है। इस नवरात्रि संकल्प लें कि आप अपनी सेहत से समझौता नहीं करेंगे। आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!
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