राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस: 80% भारतीय स्टार्टअप AI आधारित, डीप-टेक को सरकार का मजबूत फंडिंग सपोर्ट

Share This Article

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने भारत के तेजी से बढ़ते डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर बड़ा संदेश दिया है। रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रित नीति, संस्थागत फंडिंग और सरकारी समर्थन से भारत के डीप-टेक स्टार्टअप नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे हैं।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि आज देश के 80 प्रतिशत स्टार्टअप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित हैं। उन्होंने लिखा, “इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत DLI योजना ने अब तक 23 स्टार्टअप को सपोर्ट किया है।”

सेमीकॉन इंडिया और डीप-टेक को बड़ा फंड

फंडिंग को लेकर जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि Semicon India 2025 के दौरान $1 बिलियन इंडिया डीप टेक अलायंस (IDTA) की घोषणा की गई थी, जिससे संस्थागत निवेश को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही ₹1 लाख करोड़ के कॉर्पस वाला रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड देश की इनोवेशन क्षमता को मजबूत कर रहा है।

उन्होंने दोहराया कि आज भारतीय स्टार्टअप का बड़ा हिस्सा डीप-टेक और AI पर आधारित है और RDI फंड के जरिए ₹1 लाख करोड़ की फंडिंग से इनोवेशन को नई रफ्तार मिली है।

पीएम मोदी बोले— स्टार्टअप सिर्फ योजना नहीं, एक विजन

इससे पहले राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक ‘इंद्रधनुषी विजन’ है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग सेक्टर्स को नए अवसरों से जोड़ना है।

प्रधानमंत्री ने उद्यमियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए स्टार्टअप का आत्मविश्वास और समाज पर प्रभाव, आंकड़ों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

जोखिम उठाने की क्षमता की सराहना

पीएम मोदी ने भारतीय स्टार्टअप्स की जोखिम उठाने की क्षमता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा,
“मैंने हमेशा जोखिम लेने पर जोर दिया है। ऐसे फैसले जिनसे पिछली सरकारें डरती रहीं, मैंने उन्हें अपनी जिम्मेदारी माना। देश के लिए जो जरूरी है, उसे किसी न किसी को करना ही होगा। किसी को तो जोखिम उठाना ही पड़ेगा।”

2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप, अर्थव्यवस्था को नई ताकत

बीते वर्षों में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। आज देशभर में 2,00,000 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता मिल चुकी है। ये स्टार्टअप न सिर्फ रोजगार सृजन का बड़ा जरिया बने हैं, बल्कि इनोवेशन आधारित आर्थिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू वैल्यू चेन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के मौके पर सरकार और उद्योग जगत के ये संदेश साफ करते हैं कि भारत अब स्टार्टअप और डीप-टेक इनोवेशन के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों की कतार में खड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This