मुजफ्फरनगर मर्डर केस: मोरना में दो सगी बहनों ने पिता को चाकुओं से गोदा, पाबंदियों और शादी न होने से थी नाराज; रोंगटे खड़े कर देगा कत्ल का ये खुलासा

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मोरना हत्याकांड: सुबह उठी चीखें और खून से लथपथ मिला किसान का शव

मुजफ्फरनगर। जनपद के भोपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मोरना में सोमवार की सुबह एक खौफनाक वारदात के साथ हुई। गांव के रविदास मंदिर के पीछे रहने वाले 55 वर्षीय किसान राम प्रसाद का शव उनके घर के मुख्य दरवाजे के पास खून से लथपथ हालत में मिला। सुबह करीब छह बजे जैसे ही घर से महिलाओं के रोने-बिलखने की आवाजें आईं, पूरा मोहल्ला किसान के घर की तरफ दौड़ पड़ा। मौके पर राम प्रसाद की गर्दन और पेट पर चाकुओं के गहरे निशान थे और चारों तरफ खून फैला हुआ था।

शुरुआती घंटों में परिजनों और ग्रामीणों के बीच यही चर्चा रही कि रात के अंधेरे में अज्ञात बदमाश घर में घुसे और लूटपाट या रंजिश के चलते किसान की हत्या कर फरार हो गए। राम प्रसाद की पत्नी चंद्रकली और उनकी दो बेटियां—कोमल और कक्षा 11 में पढ़ने वाली छोटी बहन—मां से लिपटकर बुरी तरह रो रही थीं। बेटियों के आंसू देखकर मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं, किसी को भी यह गुमान नहीं था कि इस रुदन के पीछे एक गहरी साजिश छिपी है।

पुलिस जांच में दो घंटे के भीतर खुला राज, सूख गए बेटियों के आंसू

वारदात की सूचना मिलते ही एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो उन्हें घर के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन दाखिल होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले। शक के आधार पर पुलिस ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की और उन्हें थाने ले जाया गया। थाने पहुंचते ही जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो दोनों बहनों के चेहरे का रंग बदल गया और उनके आंसू अचानक सूख गए।

महज दो घंटे की कड़ाई से पूछताछ के बाद दोनों बहनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही मिलकर अपने पिता की हत्या की है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो घरेलू चाकू, खून से सने कपड़े, नींद की गोलियों के खाली रैपर और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए। पुलिस ने बताया कि वारदात सोमवार तड़के करीब तीन बजे अंजाम दी गई थी।

खीर में पिरोई गई मौत की साजिश, नींद की गोलियां देकर सबको सुलाया

पूछताछ में सामने आया कि बड़ी बेटी कोमल ने इस हत्याकांड की पूरी पटकथा तैयार की थी। उसने अपने एक परिचित युवक से बहाने से नींद की गोलियां मंगवाई थीं। रविवार की रात कोमल ने घर में खीर बनाई और उसमें चुपके से नींद की गोलियां मिला दीं। राम प्रसाद, उनकी पत्नी और बेटों ने जैसे ही वह खीर खाई, वे गहरी नींद में सो गए। जब कोमल को यकीन हो गया कि अब कोई नहीं जागेगा, तो उसने अपनी छोटी बहन, जो कक्षा 11 की छात्रा है, के साथ मिलकर पिता पर चाकुओं से हमला बोल दिया।

आरोपियों ने पिता की गर्दन और पेट पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे राम प्रसाद को संभलने या शोर मचाने का मौका भी नहीं मिला। हत्या के बाद दोनों बहनें घर में ही रहीं और सुबह होते ही नाटक शुरू कर दिया ताकि किसी को उन पर शक न हो।

चांटा, पाबंदियां और चूल्हा अलग होने की इनसाइड स्टोरी

हत्या के पीछे की वजहों को लेकर कोमल ने पुलिस के सामने कई कड़वे तथ्य रखे। उसने बताया कि घर में आए दिन झगड़े होते थे। करीब एक महीने पहले किसी बात पर पिता ने कोमल को थप्पड़ मार दिया था, जिसके जवाब में कोमल ने भी पलटवार किया था। इस घटना के बाद से कोमल ने घर के अंदर ही अपना चूल्हा अलग कर लिया था और वह अपना खाना अलग बनाती थी। वह न केवल अपने पिता से बल्कि अपने भाई अमित से भी नफरत करने लगी थी।

कोमल का आरोप था कि उसके पिता बेटा और बेटी में फर्क करते थे। घर में लड़कियों के पहनावे, उनके उठने-बैठने और घर से बाहर निकलने पर कड़ी पाबंदी थी। कोमल के अनुसार, उसके पिता बेटियों को अपमानित करते थे और उनकी शादियां करने में देरी कर रहे थे। परिवार की एक अन्य बहन पहले ही इन पाबंदियों से तंग आकर लव मैरिज कर घर छोड़ चुकी थी। पूछताछ के दौरान कोमल ने बिना किसी पछतावे के पुलिस से सवाल किया, “क्या बेटी होना गुनाह है?”

भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, एक आरोपी बाल सुधार गृह भेजी गई

किसान राम प्रसाद के बेटे अमित की तहरीर पर भोपा थाना पुलिस ने अपनी दोनों बहनों के खिलाफ हत्या (धारा 302) और साक्ष्य मिटाने की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी देहात ने बताया कि बड़ी बेटी कोमल बालिग है, इसलिए उसे महिला जेल भेज दिया गया है। वहीं, छोटी बहन के नाबालिग (कक्षा 11 की छात्रा) होने के कारण उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत नोएडा स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) भेजा गया है।

पोस्टमार्टम के बाद राम प्रसाद का शव जब गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया। पुलिस की मौजूदगी में शव को सीधे शुकतीर्थ घाट ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है।

मोरना हत्याकांड का घटनाक्रम (समय सारणी):

समय घटनाक्रम
रात 03:00 बजे बेटियों ने सो रहे पिता रामप्रसाद की चाकुओं से गोदकर हत्या की।
सुबह 06:00 बजे परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, घर में चीख-पुकार मची।
सुबह 07:30 बजे पुलिस को वारदात की सूचना दी गई।
सुबह 08:00 बजे एसपी देहात और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
सुबह 10:00 बजे शक के आधार पर परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।
दोपहर 12:00 बजे कड़ाई से पूछताछ के बाद बेटियों ने जुर्म कबूला और सरेंडर किया।

 

पुलिस अभी इस मामले में उस युवक की भी तलाश कर रही है जिसने कोमल को नींद की गोलियां उपलब्ध कराई थीं। फिलहाल, दोनों बहनें सलाखों के पीछे हैं और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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