उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी अमजद मारा गया। पुलिस के अनुसार, अमजद पर करीब 40 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। मौके से पुलिस ने मृतक बदमाश के पास से एक 9 एमएम की कार्बाइन, एक पिस्टल, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बड़ी तादात में कारतूस कुछ डॉक्यूमेंट और लूट की ज्वेलरी भी बरामद की है।
बुढ़ाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद बुढ़ाना, शाहपुर और तितावी थानों की संयुक्त टीम ने विज्ञान रोड के जंगल में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमजद गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे तुरंत सीएचसी बुढ़ाना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधा हमला किया। फायरिंग इतनी तेज थी कि एसपीआरए की गाड़ी के शीशे टूट गए और पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। इस दौरान सब इंस्पेक्टर संदीप और सिपाही अशफाक घायल हो गए। दोनों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

पांच राज्यों में फैला था आपराधिक नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमजद का आपराधिक इतिहास लंबा और गंभीर था। उस पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में लूट, हत्या, डकैती और अपहरण जैसे लगभग 40 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से 17 से 18 मामले केवल लूट से संबंधित बताए जाते हैं। वह लंबे समय से फरार था और पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था।
एसएसपी के अनुसार अमजद एक अंतरराज्यीय गैंग का सक्रिय सदस्य था और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक 9 एमएम आधुनिक कार्बाइन, एक पिस्टल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अलावा हाल ही में लूटी गई ज्वेलरी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन भी मौके से मिले हैं।
पुलिस अब बरामद सामान की जांच कर रही है और गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। इस मुठभेड़ को पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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