उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सोमवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। भोजपुर थाना क्षेत्र के गोट रेलवे स्टेशन के पास स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर 1 लाख के इनामी आसिफ उर्फ टिड्डा और 50 हजार के इनामी दीनू उर्फ इलियास को मार गिराया। दोनों पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और अपहरण जैसे संगीन मामलों में कई मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक फाइरिंग चली। इस दौरान एसएसपी सतपाल अंतिल और मेरठ एसटीएफ के एएसपी की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली धंस गई, जिससे दोनों अधिकारी बाल-बाल बच गए। मौके से पुलिस ने कार, कार्बाइन, तीन पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए।
अपराध की दुनिया का कुख्यात चेहरा था ‘टिड्डा’
मेरठ के रसीद नगर का रहने वाला आसिफ उर्फ टिड्डा मूल रूप से गाजियाबाद के कलछीना गांव का रहने वाला था। आठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद उसने बहुत कम उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा और अपना गिरोह बना लिया और लूट, रंगदारी, फिरौती और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में 65 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। 2013 में मेरठ पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था।
टिड्डा के आपराधिक इतिहास में कई सनसनीखेज घटनाएँ दर्ज हैं—
2013 में हरियाणा के पानीपत में 40 लाख की डकैती
2014 में हापुड़ के पिलखुवा में नकद, सोना-चांदी और नकदी लूट
2020 में मुज़फ्फरनगर में अब्दुल बहाव की हत्या
2022 में अलीगढ़ की प्रतिभा कॉलोनी में 10 लाख की डकैती
हाल ही में उसने मुरादाबाद के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। लगातार वारदातों के चलते प्रदेश पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
दीनू का गैंगस्टर नेटवर्क
दूसरा बदमाश दीनू उर्फ इलियास, मेरठ जिले के सरूरपुर थाना क्षेत्र के खिवाई गांव का रहने वाला था। वह हिस्ट्रीशीटर नंबर 298A/2009 था और 25 आपराधिक मामलों में वांछित था। उस पर हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे। वर्ष 2020 में रतनपुरी (मुजफ्फरनगर) में एक व्यापारी के अपहरण और हत्या की घटना में भी उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
पुलिस के अनुसार, दीनू और टिड्डा ने मिलकर पिछले कुछ वर्षों में यूपी और एनसीआर क्षेत्र में कई बड़ी वारदातें को अंजाम दिया था। दोनों अक्सर जिला सीमाओं को पार कर अपराध करते और पुलिस की गिरफ्त से बच निकलते थे। मेरठ एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों बदमाशों की लोकेशन लंबे समय से ट्रैक की जा रही थी। रविवार रात मिली खुफिया सूचना पर टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और भोजपुर क्षेत्र में उन्हें घेर लिया। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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अपराध पर नकेल कसने की बड़ी सफलता
मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में अपराध पर बड़ी नकेल के रूप में देखा जा रहा है। अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में यह एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में प्रदेश भर में दर्जनों इनामी अपराधी पुलिस कार्रवाई में मारे जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं कि टिड्डा और दीनू जैसे बदमाशों के खात्मे से पश्चिमी यूपी के व्यापारियों और आम लोगों में राहत की भावना है। ये दोनों लंबे समय से क्षेत्र में दहशत फैलाए हुए थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और सहयोगियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







