Mumbai के भांडुप रेलवे स्टेशन के पास कल रात एक बड़ा हादसा हो गया। बेस्ट की एक बस ने रिवर्स करते समय कई लोगों को कुचल दिया जिसमें तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए घटना रात करीब 10:00 बजे की बताई जा रही है और हादसे की सूचना फायर ब्रिगेड, कंट्रोल रूम को मिली। जिसके बाद फायर ब्रिगेड पुलिस बेस्ट के कर्मचारी और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के वक्त बस में कई यात्री मौजूद थे बस ड्राइवर को हिरासत में लेकर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
घटना का विवरण
यह घटना भांडुप पश्चिम में स्टेशन रोड पर घटी, जब बेस्ट की बस पीछे की ओर जा रही थी और उसने वहां मौजूद लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भेजा गया। हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, बेस्ट के कर्मचारी और 108 एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत का बयान
मुंबई पुलिस के डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि इस हादसे में 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 4 की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। डीसीपी ने हादसे के बाद पुलिस द्वारा ड्राइवर की हिरासत में लेने और घटना की जांच शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस के मैकेनिकल और तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी ताकि दुर्घटना की असली वजह का पता चल सके।
स्थानीय नेताओं का प्रतिक्रिया और सवाल
हादसे के बाद जनता दल (नॉर्थ-ईस्ट मुंबई) के अध्यक्ष संजीव कुमार सदानंद ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बस को भांडुप में चलाने की मंजूरी पहले ही विवादास्पद थी। सदानंद ने कहा कि स्थानीय लोग पहले से ही इस बस के डिजाइन और उसकी इलेक्ट्रिकल खराबी को लेकर चिंतित थे, और इस बस के संचालन का विरोध किया जा रहा था।
सदानंद ने कहा, “क्या इसकी जिम्मेदारी बीएसटी विभाग लेगा, या फिर वह चेयरमैन लेगा, जिन्होंने इस बस को पास किया?” उन्होंने यह भी कहा कि भांडुप के नागरिक की जान गई है और इस हादसे की जिम्मेदारी उन लोगों को लेनी चाहिए जिन्होंने इस बस को चलाने की मंजूरी दी थी।
यह भी पढ़ें : आईफोन 16 बना भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन, वीवो को पीछे छोड़ा!
मांगें और भविष्य की दिशा, सुरक्षा के मुद्दे और समग्र प्रतिक्रिया
सदानंद ने मांग की कि इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने इसे केवल एक छोटी गलती नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया।
यह हादसा सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर सवाल उठाता है, विशेष रूप से बेस्ट बसों की सुरक्षा जांच और संचालन की जिम्मेदारी पर। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों द्वारा कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।







