पर्थ, ऑस्ट्रेलिया: पर्थ स्टेडियम में खेले गए पहले एशेज़ टेस्ट मैच में Australia के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने ऐसी घातक गेंदबाज़ी की कि इंग्लैंड की टीम पूरी तरह बिखर गई और मुकाबला आठ विकेट से कंगारू टीम के पक्ष में खत्म हुआ। स्टार्क ने मैच में कुल 10 विकेट (10/113) लेकर साबित कर दिया कि क्यों वह बड़े मैचों के खिलाड़ी माने जाते हैं। पहली पारी में उन्होंने 7/58 की विनाशकारी बॉलिंग की और दूसरी पारी में 3/55 लेकर इंग्लैंड को दोबारा उभरने का कोई मौका नहीं दिया। मैच के बाद स्टार्क ने कहा कि टीम का इरादा साफ था और पिच पर उतार-चढ़ाव के बावजूद सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर परफॉर्म किया। उन्होंने माना कि यह जीत पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है और ट्रैविस हेड की पारी ने मैच को पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया को 205 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे ट्रैविस हेड ने तूफानी अंदाज़ में हासिल कराया।
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हेड ने महज 83 गेंदों में 123 रन ठोक दिए, जिसमें 16 चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी यह पारी उस समय आई जब मैच अभी भी बैलेंस में था, लेकिन हेड ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर इतने जोरदार शॉट लगाए कि स्टेडियम गूँज उठा और इंग्लैंड की उम्मीदें वहीं खत्म हो गईं। स्टार्क ने अपने साथ गेंदबाज़ी करने वाले साथियों की भी तारीफ की और कहा कि स्कॉट बोलैंड ने दूसरी पारी में 4/33 लेकर शानदार स्पेल डाला, जबकि डेब्यू करने वाले ब्रेंडन डॉगेट ने मैच में पांच विकेट झटककर यह दिखा दिया कि ऑस्ट्रेलिया के पास तेज़ गेंदबाज़ी में कितनी गहराई है। स्टार्क ने कहा कि लंबे समय बाद जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस का साथ न मिलना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने रोल को नहीं बदला और वही किया जो पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं।
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इंग्लैंड के बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में थे और स्टार्क की तेज़, स्विंग लेती गेंदों ने उन्हें गति और लाइन की सही समझ पाने का मौका ही नहीं दिया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी, विशेषकर हेड का धुआंधार प्रदर्शन, इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर हावी रहा। इस शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एशेज़ सीरीज़ में 1-0 की मज़बूत बढ़त बना ली है और उनके आत्मविश्वास में ज़बरदस्त उछाल देखा जा रहा है। इंग्लैंड अब अगले मैच में कमबैक की तलाश करेगा, लेकिन पर्थ टेस्ट ने यह साफ कर दिया है कि ऑस्ट्रेलिया की तेज़ गेंदबाज़ी और आक्रामक बल्लेबाज़ी को हराना आसान नहीं होगा, खासकर उनके घरेलू मैदानों पर।







