उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गंगा नदी में कटान रोकने के लिए चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मंत्री ने छोटी गिट्टी डालने और लापरवाह कार्य करने पर कड़ी आपत्ति जताई और कार्यदायी संस्था को सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
मोदी-योगी सरकार के सिद्धांतों पर आधारित कार्य
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से कहा,
“पैसा हमारा है, सरकार का है, ठीक से काम करो।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता केवल परियोजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि जनता के हित में सुरक्षित और प्रभावी काम करना है। मंत्री ने यह भी कहा कि राजनीति उनके लिए व्यवसाय या धन कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का विवेकपूर्ण मिशन है।
स्वतंत्र देव सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने जोर दिया कि गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की सुरक्षा और भलाई सरकार का दायित्व है।
गंगा कटान रोकथाम के कार्यों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नगर के मंडलीय अस्पताल के समीप गंगा नदी में चल रहे कटान रोकने के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए।
मंत्री ने छोटे या अस्थायी उपायों पर संतोष न करने का आग्रह किया और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता, समयबद्धता और सुरक्षित निर्माण मानकों के अनुसार पूरी हों। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों और नगर पालिका के साथ बैठक
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने मंत्री को गंगा कटान रोकथाम से संबंधित विभिन्न कार्ययोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति से अवगत कराया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटान से होने वाली जन-धन हानि को रोका जा सके।
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गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस अवसर पर दोहराया कि सरकार का सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गंगा कटान रोकने का कार्य केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनहित और जीवन सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा,
“छोटी गिट्टी डालने जैसे अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा। हमें सुनिश्चित करना है कि हर कदम जनता की सुरक्षा और नदी के संरक्षण के लिए प्रभावी हो।”
मंत्री ने अधिकारियों को नियंत्रण और निरीक्षण तंत्र को मजबूत करने के निर्देश भी दिए ताकि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता न हो।
सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि गंगा नदी केवल एक जल स्रोत नहीं है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए गंगा कटान रोकथाम में गहन सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि नदी तट पर रहने वाले लोगों को सुरक्षा उपायों और गंगा संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए। इसके अलावा उन्होंने नदी किनारे निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया।