ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन उवैसी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उवैसी हमेशा जज्बाती बातें करते हैं और युवाओं को भड़काने का काम करते हैं। मौलाना रजवी के मुताबिक, उवैसी का हालिया बयान “आई लव मोहम्मद” जैसे विवादित शब्दों को बढ़ावा देकर मुस्लिम समाज में भड़काव फैलाने वाला है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी का न तो इस्लाम से कोई संबंध है और न ही मुसलमानों के असली मुद्दों से।
मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने कहा कि मुसलमानों के सामने सबसे बड़े मुद्दे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार हैं। लेकिन उवैसी इन पर बात करने के बजाय भावनात्मक और विवादास्पद भाषणों के जरिए सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को जागरूक होना होगा और यह समझना होगा कि जज्बाती नारों से न तो उनके बच्चों का भविष्य सुधरेगा और न ही उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति।
रजवी ने उवैसी पर आरोप लगाया कि वह युवाओं को गुमराह करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “मुसलमानों को चाहिए कि वे पैग़म्बर मुहम्मद की सच्ची शिक्षा को अपनाएं। इस्लाम ने हमेशा अमन, भाईचारे और शिक्षा पर जोर दिया है। भड़काऊ भाषण और जज्बाती नारेबाज़ी समाज को आगे नहीं ले जा सकते।”
उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम का संदेश साफ है—शिक्षा हासिल करो, रोजगार के लिए मेहनत करो और समाज में सकारात्मक योगदान दो। लेकिन अफसोस की बात है कि उवैसी जैसे नेता इन मूल्यों को दरकिनार कर केवल भीड़ जुटाने और ताली पिटवाने वाली राजनीति करते हैं।
मौलाना रजवी ने मुस्लिम युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लामिक इतिहास से सबक लेना चाहिए, जहां हमेशा ज्ञान और इंसानियत को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आगाह किया कि अगर मुस्लिम समाज भावनात्मक राजनीति में ही उलझा रहा तो आने वाली पीढ़ियों का नुकसान तय है।
इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। रजवी और उवैसी के बीच पहले भी कई बार वैचारिक टकराव हो चुका है। लेकिन इस बार रजवी ने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि उवैसी की राजनीति मुसलमानों की तरक्की को रोक रही है।







