लखनऊ: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा और तनाव के बाद लखनऊ में जुम्मे की नमाज़ के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। शहर में सभी मस्जिदों और नमाज़ अदा करने के स्थलों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। जुम्मे से पहले जॉइंट पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं और सभी डीपी, एसीपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बरेली में हाल की घटनाओं को देखते हुए लखनऊ में विशेष निगरानी और चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
पुलिस ने मस्जिदों और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त गश्त के साथ-साथ सीसीटीवी मॉनिटरिंग का भी इंतजाम किया गया। नागरिकों से अपील की गई कि वे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने या किसी प्रकार की भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
शहर के प्रमुख मस्जिदों और आसपास के बाजारों में ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए भी पुलिस ने विशेष उपाय किए। इस दौरान आरपीएफ और सिटी गार्ड भी तैनात रहे ताकि शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। बबलू कुमार ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय स्थिति को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित करना है।
जुम्मे के दौरान सुरक्षा प्रबंधों में न सिर्फ मस्जिद परिसर बल्कि आसपास के मुख्य मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर भी नजर रखी गई। अधिकारियों ने हर स्थिति के लिए तैयार रहने और त्वरित प्रतिक्रिया देने की रणनीति बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी प्रकार की हिंसा या तनाव फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के इस व्यापक इंतजाम ने नागरिकों में भरोसा बढ़ाया। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस सतर्कता की सराहना की और सुरक्षित माहौल में नमाज़ अदा करने की सुविधा के लिए धन्यवाद दिया। बरेली में हुई घटनाओं की वजह से पैदा हुए भय और तनाव के बीच लखनऊ प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि शहर में शांति और कानून व्यवस्था में कोई खलल न पड़े।
रिपोर्ट: परवेज जैदी, लखनऊ