सरकार की मंशा के अनुरूप विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में विकास कार्यों, राजस्व कार्यों और स्वास्थ्य विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक ज़ूम माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राधेश्याम, संयुक्त विकास आयुक्त के.के. सिंह, सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास और जनकल्याण योजनाओं पर मंडलायुक्त के निर्देश
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से संचालित करें।
उन्होंने कहा कि “सरकार की नीतियों का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर तक विकास का लाभ पहुंचाना है, इसलिए किसी भी योजना में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
IGRS प्रकरणों की समीक्षा: गुणवत्ता और समयबद्धता पर बल
बैठक की शुरुआत IGRS (Integrated Grievance Redressal System) प्रकरणों की समीक्षा से हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के भीतर हो, तथा निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक अवश्य लिया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
बैठक में निम्नलिखित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई:
मुख्यमंत्री आवास योजना, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, कायाकल्प योजना, कन्या विवाह योजना, स्वरोजगार योजना, कुसुम योजना, कन्या सुमंगला योजना, कृषक दुर्घटना योजना, मध्यान्ह भोजन योजना आदि।
मंडलायुक्त ने कहा कि जिन जनपदों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष धीमी है, वे अपनी ग्रेडिंग और रैंकिंग में सुधार लाएं।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर सख्त निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि तकनीकी समिति द्वारा सत्यापित जर्जर विद्यालयों का तत्काल ध्वस्तीकरण कराया जाए।
पीडब्ल्यूडी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ में गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की प्रगति 80% है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण सड़कों और हाईवे का सर्वे कराकर गड्ढा मुक्त कराया जाए, और सड़कों पर बैठने वाली गायों को चिन्हित कर गौ आश्रय केंद्रों में भेजा जाए।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में
मंडलायुक्त ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि लाभार्थियों को अधिकतम ऋण स्वीकृत कर आत्मनिर्भर बनाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदन निर्धारित समयसीमा में निस्तारित किए जाएं और ऋण स्वीकृति की निगरानी लगातार की जाए।
गौशालाओं और महिला कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान
उन्होंने अधिकारियों को गौशालाओं की सफाई, CCTV निगरानी और चारागाह भूमि पर चारा बुवाई के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और कन्या सुमंगला योजना में पात्र लाभार्थियों को तत्काल जोड़ा जाए।
लखनऊ में अब तक 13,447 लाभार्थी कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
कृषि और राजस्व विभाग की समीक्षा
कृषि विभाग से मंडलायुक्त ने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता 100% सुनिश्चित कराई जाए और सोसाइटी सचिवों की निगरानी में खाद वितरण हो।
राजस्व वसूली के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना बनाकर अमल करने के निर्देश दिए।
धान क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि धान क्रय का भुगतान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए और छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों से प्राथमिकता से धान क्रय हो।
उन्होंने कहा कि सभी धान क्रय केंद्रों में जीपीएस सिस्टम लगे हों और अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि CHC/PHC में डॉक्टरों की 24×7 उपलब्धता, औषधि भंडारण और उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आभा कार्ड रैंकिंग और हेल्थ डैशबोर्ड सुधार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने कहा —
“जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सफल होंगी जब अधिकारी उन्हें संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ धरातल पर लागू करें। विकास और सेवा के हर कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जनता का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”