संसद में महासंग्राम: अविश्वास की अग्नि शांत, पर ‘गैस’ की किल्लत ने सुलगाई सियासत; ओम बिरला की वापसी और विपक्ष का जोरदार हल्लाबोल

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नई दिल्ली। भारतीय लोकतंत्र के मंदिर यानी संसद में गुरुवार का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव की ‘अग्निपरीक्षा’ पास कर सदन में वापसी की, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने ‘कमर्शियल एलपीजी’ (LPG) की किल्लत और पश्चिम एशिया के तनाव को लेकर सदन की छत हिला दी। 12 मार्च 2026 की दोपहर तक संसद का नजारा किसी युद्ध के मैदान जैसा लग रहा था, जहाँ नियम, मर्यादा और जन-सरोकार आपस में टकरा रहे थे।

ओम बिरला की ‘अग्निपरीक्षा’ और सदन में वापसी

लोकसभा के इतिहास में यह दुर्लभ क्षण था जब किसी स्पीकर के खिलाफ ‘नो-कॉन्फिडेंस मोशन’ (No-Confidence Motion) लाया गया। बुधवार को भारी शोर-शराबे और वॉयस वोट के बीच यह प्रस्ताव खारिज हो गया, जिसके बाद गुरुवार को ओम बिरला पुनः अपनी कुर्सी पर लौटे।

जैसे ही स्पीकर बिरला चेयर पर बैठे, INDIA ब्लॉक के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बिरला ने हाथ जोड़कर और बेहद सधे हुए लहजे में सांसदों से अपील की, “प्रश्नकाल देश की जनता की आवाज उठाने का समय है। आप सरकार को जिम्मेदार ठहराइए, सवाल पूछिए, लेकिन सदन को चलने दीजिए।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे पिछले दो दिनों की गहमागहमी पर दोपहर 12 बजे विस्तार से अपनी बात रखेंगे। हालांकि, नारेबाजी का शोर इतना बढ़ा कि कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

राहुल गांधी का ‘सिलेंडर प्रोटेस्ट’: सड़कों से संसद तक संग्राम

विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने आज संसद परिसर में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। मुद्दा था—देश भर में कमर्शियल एलपीजी की भारी कमी। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि सरकार की गलत विदेश नीति और घरेलू कुप्रबंधन के कारण आज हलवाई, रेस्टोरेंट मालिक और छोटे व्यापारी दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं।

राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब जनता महंगाई और किल्लत से जूझ रही है, तब सरकार रसूखदारों को बचाने में लगी है। संसद परिसर में सिलेंडरों के साथ प्रदर्शन करते हुए विपक्ष ने सरकार से तुरंत जवाब की मांग की।

पश्चिम एशिया का संघर्ष और आपकी रसोई: क्या है पूरा गणित?

आज की बहस का सबसे तकनीकी और गंभीर हिस्सा था ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में तनाव। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ती सैन्य हलचल और ईरान द्वारा शिपिंग मार्गों में डाली जा रही रुकावटों का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ा है।

भोपाल से ग्राउंड रिपोर्ट: एलपीजी की कमी का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई बड़े रेस्टोरेंट्स ने गैस की कमी के कारण हाथ खड़े कर दिए हैं और मजबूरी में ‘इंडक्शन कुकिंग’ (बिजली से खाना बनाना) की ओर रुख किया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर सप्लाई चैन जल्द बहाल नहीं हुई, तो खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू लेंगे।

शाह बनाम विपक्ष: प्रस्ताव गिरा, पर कड़वाहट बरकरार

बुधवार को सदन में जो हुआ, उसकी गूँज आज भी सुनाई दी। गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखे हमले किए थे। शाह ने राहुल गांधी पर भी कुछ टिप्पणियां कीं, जिस पर कांग्रेस ने ‘प्रिविलेज मोशन’ (विशेषाधिकार हनन) की चेतावनी तक दे डाली।

कार्यकारी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने जब वॉयस वोट के जरिए प्रस्ताव के गिरने की घोषणा की, तो विपक्ष ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें बोलने का पूरा मौका दिए बिना ही प्रस्ताव को गिरा दिया गया।

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