Lal Qila हमला मामला: एनआईए ने जम्मू-कश्मीर और यूपी में छापेमारी तेज की

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कश्मीर में एनआईए की छापेमारी 

कश्मीर में एनआईए ने मामले में संलिप्त मौलवी, डॉक्टर और अन्य संदिग्धों के आवासों सहित आठ स्थानों पर तलाशी ली। शोपियां के नादिगाम में मौलवी इरफान अहमद वागे के घर और श्रीनगर के नौगाम स्थित मस्जिद में उनके कमरे की जांच की गई। इस दौरान मौलवी की पत्नी से भी एनआईए अधिकारियों ने सवाल-जवाब किए।

इसके अलावा, पांपोर के संबूरा में आमिर रशीद, पुलवामा के कोइल में डॉ. मुजम्मिल, और लाल किला के पास आत्मघाती हमला करने वाले डॉ. उमर नबी के घर सघन तलाशी ली गई। कुलगाम के वनपोरा में डॉ. अदील माजिद राथर के घर भी टीम पहुंची।

पुलवामा के चंदगाम और मलंगपोरा में भी संदिग्धों के घरों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान वहां रहने वालों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू की गई। एनआईए टीम ने डिजिटल उपकरणों और मोबाइल फोन जब्त किए, जो आतंकी गतिविधियों के नेटवर्क को समझने में मदद करेंगे।

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लखनऊ में डॉ. शाहीन के घर छापेमारी

एनआईए की टीम लखनऊ के लालबाग स्थित खंदारी बाजार में डॉ. शाहीन के घर पहुंची। टीम ने दो घंटे तक उनके पिता सईद अंसारी और बड़े भाई शोएब से गहन पूछताछ की। छापेमारी के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और मोहल्ले की गली में आवाजाही लगभग बंद कर दी गई थी।

एनआईए टीम ने घर के हर हिस्से की जांच की। शुरुआती चर्चा थी कि शाहीन को भी पूछताछ के लिए टीम अपने साथ ले जा सकती है, लेकिन जांच एजेंसी ने इसे खारिज किया। छापेमारी के दौरान शाहीन के पड़ोसियों ने खुद को घर में सीमित कर लिया और किसी से बात करने में संकोच किया।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

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छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था

एनआईए की टीम के साथ एटीएस और स्थानीय पुलिस भी मौजूद थे। छापेमारी के दौरान मोहल्ले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने आवाजाही सीमित कर दी थी। टीम के निकलते ही इलाके में शांति बहाल की गई।

छापेमारी की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर और यूपी में आतंकवादी मॉड्यूल के पूरे नेटवर्क को समझने और उसका भंडाफोड़ करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एनआईए की जांच की दिशा

एनआईए की जांच जारी है और सभी नई इनपुट की तश्दीक और सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया था और उनकी पूछताछ के आधार पर एनआईए ने कार्रवाई को अंतिम रूप देने की कोशिश की।

इस जांच का उद्देश्य केवल लाल किला हमला ही नहीं है, बल्कि भारत में आतंकवाद और साइबर नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल व्हाइट कॉलर मॉड्यूल की पहचान करना भी है।

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