Kashi Dev Diwali: भगवान शिव की पवित्र नगरी काशी में देव दीपावली की धूम मचने वाली है। इस बार खास तैयारियों के तहत काशी के घाटों और कुंडों में 10 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। इसके साथ ही काशी की रोशनी को और भी आकर्षक बनाने के लिए 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।
Kashi Dev Deepawali: 10 लाख दीपों से घाटों की रौनक, 3-डी प्रोजेक्शन और लेजर शो से अद्भुत माहौल-
Kashi में भगवान शिव की नगरी में इस बार देव दीपावली का पर्व बेहद खास होने वाला है। देव दीपावली, जो काशी की आस्था और संस्कृति का प्रतीक मानी जाती है, इस बार पहले से कहीं ज्यादा भव्य रूप में मनाई जाएगी। इस साल काशी के घाटों और कुंडों में 10 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे, जिससे पूरा शहर रोशन हो उठेगा। प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, राज्य सरकार और महोत्सव समिति ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। दीपकों, तेल और बाती का वितरण राजघाट से शुरू हो चुका है। काशी के घाटों को और भी आकर्षक बनाने के लिए 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा, जिससे हर कोई इस अद्भुत दृश्य का हिस्सा बनेगा।

Dev Deepawali की शुरुआत शंखनाद और डमरू से, भगवान शिव-पार्वती विवाह और अन्य धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति-
देव दीपावली के इस उत्सव की शुरुआत शंखनाद और डमरू की ध्वनि से होगी, जो भगवान शिव की उपस्थिति और काशी की दिव्य ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर मंच पर भगवान शिव और पार्वती के विवाह दृश्य, भगवान विष्णु के चक्र पुष्करिणी कुंड की कथा, भगवान बुद्ध के धर्मोपदेश, संत कबीर और गोस्वामी तुलसीदास की भक्ति परंपरा जैसे आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जीवनगाथा भी एक आकर्षक दृश्य के रूप में पेश की जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन से श्रद्धालुओं को काशी की पुरानी धरोहर और धार्मिक महत्ता का अहसास होगा।

3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो के साथ काशी के गौरव को दर्शाने वाली ‘काशी कथा’-
इस बार का देव दीपावली आयोजन और भी खास होगा, क्योंकि इसमें 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी के आकाश में रंग-बिरंगी रोशनी और आस्था के प्रकाश से शहर जगमगा उठेगा। 25 मिनट का ‘काशी कथा’ 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें काशी के प्राचीन गौरव, गंगा की महिमा और भगवान विश्वनाथ की नगरी की आस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया जाएगा। यह शो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव साबित होगा, जो उन्हें काशी की गौरवमयी इतिहास से रूबरू कराएगा।

8 मिनट का विशेष लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी, काशी में दिव्य रंगों से भरेगा आकाश-
कार्यक्रम के दौरान 8 मिनट का विशेष लेजर शो भी आयोजित किया जाएगा, जो दर्शकों को दिव्यता और आधुनिकता का अद्भुत संगम दिखाएगा। यह शो काशी के घाटों के वातावरण में विशेष रंगों और रोशनी से एक नया आयाम जोड़ेगा। संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार के अनुसार, पर्यटकों के लिए 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो का निःशुल्क प्रदर्शन तीन बार—रात्रि 8:15, 9:00 और 9:35 बजे—किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अद्भुत दृश्य का हिस्सा बन सकें। इसके अलावा, श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के सामने रात्रि 8 बजे ग्रीन आतिशबाजी का 10 मिनट का निःशुल्क प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल होते हुए भी आकाश को दिव्य रंगों से भर देगा। यह आतिशबाजी काशी की आस्था और धार्मिकता को और भी रंगीन तरीके से प्रस्तुत करेगी।

इस ऐतिहासिक आयोजन के माध्यम से न केवल काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जाएगा, बल्कि काशी की आस्था और विश्वास को भी नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाएगा। काशी की देव दीपावली का यह पर्व हर किसी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा, और शहर के पर्यटन को भी नई ऊंचाई पर पहुँचाएगा।







