Kanpur के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार सुबह एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें चार मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। निर्माणाधीन आयल सीड्स कंपनी में बॉयलर टेस्टिंग के लिए लाए गए कोयले को तसले में जलाया गया था, जिसके कारण कमरे में धुआं भर गया और मजदूर दम घुटने से काल के गाल में समा गए। घटना की जानकारी सुबह करीब सात बजे फैक्टरी गार्ड ने दी। मृतकों के पास ही कोयले की जलती आग मिली, जिससे स्पष्ट होता है कि धुएं के कारण ऑक्सीजन की कमी हुई और चारों मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने आसपास के इलाके में हड़कंप मचा दिया और फैक्टरी के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी चिंता पैदा कर दी।

चार मजदूर दम घुटने से मृत पाए गए : मृतकों की पहचान देवरिया जिले के तरकुलवा के तौकलपुर निवासी अमित वर्मा (32), राहुल सिंह (23), संजू सिंह (22) और दाऊद अंसारी (28) के रूप में हुई है। इसमें अमित वर्मा के भाई अरुण वर्मा घटना स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर किराए के कमरे में रहते हैं। वहीं, गांव के ही नागेंद्र अपने एक अन्य साथी के साथ बगल के कमरे में रहते थे। ये सभी मजदूर फैक्टरी में फेब्रिकेटर का काम कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, अधिकांश मजदूर बलिया जिले से आए थे। घटना स्थल का निरीक्षण पुलिस कमिश्नर ने किया। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की।

गुरुवार सुबह फैक्टरी गार्ड अजय ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद गार्ड ने फैक्टरी इंचार्ज अरुण को फोन किया, जो घटना स्थल पर काम देख रहे थे। मृतक मजदूरों में से एक का भाई भी मौके पर था। उन्होंने कई बार आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो चारों मजदूर मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पुलिस ने घटनास्थल का किया निरीक्षण : गोविंदनगर निवासी वरुण कटारिया की पनकी के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आयल सीड्स कंपनी का निर्माण कार्य चल रहा है। फैक्टरी का निर्माण इंदौर की कंपनी आदित्य इंटरप्राइजेज द्वारा कराया जा रहा है और इसमें ज्यादातर लेबर बलिया और आसपास के जिलों से आए हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि कमरे में कोयले से निकलने वाला धुआं और इसमें शामिल केमिकल्स की वजह से ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप चारों मजदूरों की दम घुटने से मौत हुई। मृतक के भाई ने गेट तोड़कर अंदर जाकर शवों को देखा। इस दौरान माहौल में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। घटना की सूचना तुरंत फैक्टरी मालिक और पुलिस को दी गई