कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के देविनपुरवा गांव में 18 घंटे पहले हुई दर्दनाक घटना के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस के डर से काली नदी में कूदे नाबालिग छात्र की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मामले में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरसहायगंज कोतवाल, चौकी इंचार्ज और एक सिपाही सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना के बाद आज प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी घटनाओं को बहुत गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
असीम अरुण ने मौके पर कहा — “यह अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला है। बच्चे की तलाश अभी जारी है और SDRF की टीम लगातार काली नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। लापरवाही करने वाले तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं और जांच में दोषी पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई होगी।”
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जा रही है। परिवार को 5 बीघा कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिया जा रहा है ताकि उनके जीवन-यापन में सहयोग मिल सके। इसके अलावा गुजर-बसर के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
कन्नौज में पुलिस की दबिश से नदी में कूदे छात्र का मामला — तीन पुलिसकर्मी निलंबित, असीम अरुण ने पीड़ित परिवार को दिलाया न्याय का भरोसा
कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के देविनपुरवा गांव में 18 घंटे पहले हुई दर्दनाक घटना के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। आज प्रदेश के… pic.twitter.com/UqUVH8vPuO
— DD News UP (@DDNewsUP) October 13, 2025
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब गुरसहायगंज कोतवाली के दो पुलिसकर्मी एक लड़की को भगाने के आरोपी को पकड़ने गांव पहुँचे थे। आरोपी घर पर नहीं मिला तो उन्होंने उसके छोटे भाई को पकड़ने की कोशिश की। इसी डर से नाबालिग छात्र काली नदी में कूद गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चे को बचाने के बजाय पुलिसकर्मी मौके से भाग निकले। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत SDRF की टीम को बुलाया, जो बीते 18 घंटे से नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक बच्चे का पता नहीं चल सका है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
प्रदेश सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को बहाल करना भी है।







