कल्याणी प्रियदर्शन आज भारतीय सिनेमा का एक ऐसा नाम बन चुकी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और सादगी से करोड़ों दिलों को जीता है। प्रसिद्ध निर्देशक प्रियदर्शन और अभिनेत्री लिसी की बेटी होने के बावजूद, उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए फिल्मी विरासत का सहारा लेने के बजाय खुद को साबित किया। न्यूयॉर्क से आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने और शुरुआत में फिल्मों में पर्दे के पीछे काम करने वाली कल्याणी, आज 2025 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर ‘लोका’ की सफलता के बाद भारत की पहली महिला सुपरहीरो के रूप में जानी जाती हैं।

फिल्मी माहौल में बचपन पर मन में था कुछ और ही
कल्याणी का जन्म 5 अप्रैल 1993 को चेन्नई में हुआ। वह बचपन से ही सेट पर आती-जाती थीं, लेकिन उनका झुकाव अभिनय की तरफ नहीं था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सिंगापुर में पूरी की और फिर न्यूयॉर्क चली गईं। वहां के मशहूर ‘पार्सन्स स्कूल ऑफ डिज़ाइन’ से उन्होंने आर्किटेक्चर में डिग्री ली। भारत लौटने के बाद भी उन्होंने तुरंत एक्टिंग शुरू नहीं की, बल्कि ऋतिक रोशन की फिल्म क्रिस 3 में एक असिस्टेंट के रूप में काम करके फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं।

पहली ही फिल्म से मिली बड़ी पहचान
साल 2017 में कल्याणी ने तेलुगु फिल्म ‘हेलो’ (Hello!) से कैमरे के सामने कदम रखा। उनकी पहली ही फिल्म हिट रही और उनकी मासूमियत ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिए उन्हें ‘बेस्ट डेब्यू’ का फिल्मफेयर और SIIMA अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने मलयालम और तमिल सिनेमा में भी अपनी धाक जमाई। हृदयम (2022) और थल्लुमाला (2022) जैसी फिल्मों ने उन्हें यूथ आइकॉन बना दिया।

2025: ‘लोका’ और 300 करोड़ का जादुई सफर
वर्ष 2025 कल्याणी के जीवन का सबसे ऐतिहासिक साल रहा। उनकी फिल्म ‘लोका: चैप्टर 1 – चंद्रा’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। इस फिल्म में कल्याणी ने एक सुपरहीरो का किरदार निभाया, जिसे भारत की ‘गैल गैडोट’ (Gal Gadot) जैसी उपाधि मिली। यह फिल्म 300 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली पहली मलयालम फिल्म बनी। इस सफलता ने कल्याणी को उस मुकाम पर पहुंचा दिया जहाँ वह किसी भी फिल्म को अपने दम पर हिट कराने की ताकत रखती हैं।

न्यूयॉर्क से आर्किटेक्चर में डिग्री और फिर सिनेमा का रुख

