“Jingle bells” – क्रिसमस के इस गाने की असली कहानी
क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान न केवल घरों की सजावट होती है, बल्कि बाजारों में रौनक और रंग-बिरंगी चकाचौंध भी देखने को मिलती है। एक और चीज़ जो क्रिसमस की पहचान बन चुकी है, वह है “जिंगल बेल्स” गाना। यह गाना अब क्रिसमस के उत्सव का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका क्रिसमस से कोई सीधा संबंध नहीं है? आइए जानते हैं “जिंगल बेल्स” के पीछे की रोचक कहानी।
“जिंगल बेल्स” गाने को किसने लिखा?
“जिंगल बेल्स” को जेम्स लॉर्ड पियरपोंट ने लिखा और संगीतबद्ध किया। यह गाना 1857 में पहली बार पब्लिश हुआ था, और जेम्स पियरपोंट खुद एक प्रसिद्ध फाइनेंसर जे.पी. मॉर्गन के मामा थे। हालांकि, उनका परिवार बैंकिंग से जुड़ा हुआ था, लेकिन जेम्स ने संगीत के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

“जिंगल बेल्स” क्रिसमस के लिए नहीं था!
इस गाने के बारे में दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार थैंक्सगिविंग के मौके पर एक चर्च सर्विस में गाया गया था। हालांकि, हम इसे आज क्रिसमस से जोड़कर ही गाते हैं, लेकिन इस गाने में ना तो “क्रिसमस” का जिक्र है और ना ही किसी धार्मिक उत्सव का। बोस्टन यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता कायना हैमिल के अनुसार, यह गाना क्रिसमस से जुड़ा हुआ नहीं था, लेकिन समय के साथ यह धीरे-धीरे क्रिसमस का अभिन्न हिस्सा बन गया।
अंतरिक्ष में गूंजने वाला पहला गाना
क्या आपको पता है कि “जिंगल बेल्स” का नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी रखता है? यह अंतरिक्ष से गूंजने वाला पहला गाना था। 1965 में जब जेमिनी 6 के अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में थे, तो उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि उन्हें उत्तर से दक्षिण की ओर एक “अज्ञात उपग्रह” दिख रहा है। इसके बाद, उन्होंने एक हलके तनाव के बीच “जिंगल बेल्स” गाने की शुरुआत की। आज भी ये घंटियां और हारमोनिका स्मिथसोनियन नेशनल एयर और स्पेस म्यूजियम में सुरक्षित रखे हुए हैं।
यह भी पढ़ें : UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाया, सपा पर कसा तंज
गाने का नाम कैसे बदला?
क्या आप जानते हैं कि पहले “जिंगल बेल्स” का नाम “वन हॉर्स ओपन स्लेह” (One Horse Open Sleigh) रखा गया था? 1857 में जब यह गाना पहली बार पब्लिश हुआ था, तो इसे इसी नाम से रिलीज किया गया था। लेकिन 1859 में जब इसे दोबारा रिलीज किया गया, तो इसे “जिंगल बेल्स” के नाम से जाना जाने लगा, जो आज दुनिया भर में मशहूर है।
“जिंगल बेल्स” का गाना अब क्रिसमस के साथ एक अटूट जुड़ाव बना चुका है। इसके इतिहास में बहुत सारी दिलचस्प बातें छिपी हुई हैं, जो इस गाने को और भी खास बनाती हैं। इस गाने के बिना क्रिसमस की कल्पना भी अधूरी सी लगती है, लेकिन इसके पीछे की कहानी और इसके अस्तित्व में आने का सफर सच में हैरान करने वाला है।
“जिंगल बेल्स” की धुन में बसी है क्रिसमस की खुशी और जोश, और यह हर साल हम सभी को इस खूबसूरत त्योहार की याद दिलाती है।







